बांदा। मानसिक रूप से अस्वस्थ वृद्ध ने घर के आंगन में फंदा लगाकर जान दे दी। पिता ने पड़ोसी के बच्चों को छत के रास्ते कमरे में दिखवाया तो फंदे से लटके मिले।
देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव निवासी रामबहोरी आरख (62) ने बुधवार को दोपहर घर के कमरे के अंदर बनी आंगन में जाल से कपड़े से फंदा लगा लिया। घटना के समय पिता छितानी खाना खा रहे थे। काफी देर तक जब वह कमरे से नहीं निकला तो उन्होंने पड़ोस के बच्चों को दूसरे मकान की छत से दिखवाया। बच्चों ने जाल में लगे तिरपाल को उठाकर देखा तो वह फंदे से लटका मिला।
बड़े दामाद गंगाराम ने बताया कि रामबहोरी का डेढ़ साल से दिमागी संतुलन ठीक नहीं चल रहा था। वह दिल्ली में गार्ड की नौकरी करते थे। डेढ़ साल पहले गांव आए थे। उनके तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। घर में पत्नी फूलमती है। दिमागी संतुलन ठीक न होने की वजह से उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। देहात कोतवाली इंस्पेक्टर सुखराम सिंह ने बताया कि परिजन दिमागी संतुलन ठीक न होने की बात बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।