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चार मंत्रों को आत्मसात करने से नहीं होते कष्ट

Mon, 19 Feb 2018 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
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बबेरू में 108 कुंडीय यज्ञ में आहुतियां देते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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गायत्री महायज्ञ में हरिद्वार शांतिकुंज से आए टोली नायक शशिकांत सिंह ने सोमवार को संगीतमय सत्संग में युग निर्माण योजना संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के चार मंत्रों की विषद व्याख्या की। युवाओं से उन्हें आत्मसात करने को प्रेरित किया।

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बासुदेव सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज में चल रहे श्रद्धा संवर्धन 108 कुंडीय महायज्ञ में टोली नायक ने चार मंत्र समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी व बहादुरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इनको आत्मसात करने से मनुष्य को कष्ट नहीं होता। हर कार्य अच्छी तरह से होते हैं। यदि हम एक झूठ को सच मानकर उसका बचाव करते हैं तो यह कितना अनर्थकारी सिद्ध होता है। कहा कि झूठ कभी सच नहीं हो सकता। सत्संग का महत्व बताया। ‘बिन सत्संग विवेक न होई, रामकृपा बिनु सुलभ न सोई’ चौपाई की व्याख्या की।

कहा कि सत्संग लाभ तभी मिलता है जब हम इसे आत्मसात करें। इसके पूर्व सुबह यज्ञाचार्य बसंतीलाल सोलंकी ने दीप व कलश पूजन कराया। मुख्य यजमान अनिरुद्ध पटेल, पत्रकार बाबूलाल गुप्ता, जगदेव सिंह, रामबाबू सोनी, लल्लन गुप्ता, मनीष सोनी ने पूजन कराया। सोलंकी ने विधि विधान से 7 बालिकाओं का पुंसवन, 50 बालकों को विद्यारंभ, 6 का नामकरण संस्कार और 5 के जन्म दिन संस्कार कराए। विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, भाजपा नेता विजय विक्रम सिंह, संयोजक राकेश सोनी, यशवंत पटेल, प्रधान ट्र्स्टी ब्रजेंद्र सविता, परिब्राजक रामसजीवन साहू, कोदू पटेल, प्रमोद शिवहरे, श्रीकृष्ण गुप्ता, मुरलीधर चौरसिया, सरला, वीना गुप्ता, कविता पटेल, संपत, उमा पटेल, सुदामा देवी, संतोष शिवहरे, दयाशंकर आदि रहे। संचालन केसी शर्मा व रामराज पटेल ने किया। मंगलवार को पूर्णाहुति होगी।

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