बांदा। आंधी और तेज बारिश से रात में पूरे शहर की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। कहीं तार टूट गिरे तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गए। 14 मोहल्लों में फाल्ट से यह घंटों में अंधेरे में रहे। बिजली विभाग के कर्मचारी दौड़ लगाते रहे, पर शहरवासियों को भीषण गर्मी में बिजली संकट का सामना करना पड़ा। दिन में भी लोग बिजली को तरसते रहे।
कोतवाली रोड के पास शुक्रवार को दोपहर ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे छोटी बाजार में करीब तीन घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिजली कर्मियों ने मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाकर सप्लाई चालू की। बिजली खेड़ा मोहल्ले में दोपहर 12 बजे बिजली चली गई तो शाम चार बजे के बाद आई। जिला अस्पताल के पीछे कालोनियों में पूरे दिन बिजली नहीं आई। बताया गया कि यहां बिजली का तार टूटा है।
छाबी तालाब मोहल्ले में ट्रांसफार्मर का जंपर उड़ने से यहां शाम तीन बजे से सात बजे तक बिजली नहीं आई। इसी तरह क्योटरा मुक्तिधाम रोड में पोल में करंट उतरने से बिजली काट दी गई। गुलाब बाग, खाईंपार, अतर्रा चुंगी, मर्दननाका, व सिविल लाइन में भी पूरे दिन बिजली की आंख मिचौली चली।
रात में आंधी और बारिश के कारण रात भर लोग बिजली के लिए तरसते रहे। एक घंटे के लिए बिजली आई तो दो घंटे लोगों ने जागकर समय गुजारा। पीलीकोठी उप केंद्र में फाल्ट के कारण करीब दो घंटे तक दोपहर में बिजली आपूर्ति बंद रखी गई। उपभोक्ता बिजली विभाग के लाइनमैन, जेई और एसडीओ को फोन मिलाते रहे, पर उनका फोन नहीं उठा।
वर्जन-
-रात में वर्षा की वजह से कई जगह तार टूट गए थे और ट्रांसफार्मरों में भी गड़बड़ी आई थी। कर्मचारियों को भेजकर इन्हें दुरुस्त कराया गया। बेहतर बिजली आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। -प्रकाशदेव पांडेय, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड नगरीय, बांदा