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Banda News: कार से ले जाकर झांसी-कानपुर हाईवे किनारे फेंका था शव

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बांदा। झांसी-कानपुर हाईवे पर मिले छात्रा के शव के मामले का बांदा पुलिस ने खुलासा कर आरोपी कानपुर के कल्याणपुर निवासी शेखर शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि छात्रा और आरोपी के बीच प्रेम संबंध थे। आरोपी घटना की रात छात्रा का शव आल्टो कार में लादकर हाईवे किनारे फेंककर भाग निकला था। उसके खिलाफ अपहरण व आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा के तहत जेल भेजा गया है।
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सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की 23 वर्षीय युवती प्रयागराज में रहकर बैकिंग की तैयारी कर रही थी। बांदा से 18 अक्तूबर को दोपहर बांदा बस स्टाप से प्रयागराज रवाना हुई थी। पिता ने 10 नवंबर को बांदा कोतवाली में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान छात्रा के मोबाइल नंबर की सीडीआर से पुलिस कानपुर के कल्याणपुर निवासी शेखर शुक्ला से बातचीत होने का सुबूत मिला था।
इस पर पुलिस ने शेखर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में शेखर ने बताया कि युवती ने उसको फोन कर प्रयागराज बुलाया था। शेखर के इन्कार करने पर उसने आत्महत्या की धमकी फोन पर दी थी। जब वह प्रयागराज में उसके रूम में पहुंचा तो वह फंदे में लटक रही थी। फंदे से उतारकर उसका शव कार में डाला और करीब 300 किलोमीटर दूर झांसी-कानपुर हाईवे किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। उरई पुलिस ने 22 अक्तूबर को युवती का शव बरामद किया था। शिनाख्त न होने पर 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया था।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब विवेचना हुई तो युवती के शव मिलने की जानकारी उरई कोतवाली से हुई। पोस्टमार्टम में एंटी मार्टम हैगिंग (जीवित रहते हुए खुद को फंदे से लटकाना) पुष्ट हुआ था। उधर, शेखर ने पुलिस को बताया कि युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी। करीब डेढ़ साल से युवती से प्रेम संबंध थेा। सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी शेखर के खिलाफ अपहरण और आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में उसे जेल भेजा है।
छात्रा के मोबाइल नंबर से खुला राज
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने छात्रा के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। इसमें सबसे ज्यादा बात शेखर से होती थी। शेखर कानपुर में गर्ल्स हाॅस्टल चलाता है और पेंट का कारोबारी भी है। आरोपी शेखर ने पुलिस को बताया कि कानपुर में पढ़ाई के दौरान छात्रा उसके हाॅस्टल में रहती थी। वहीं से प्रेम संबंध थे। शेखर के मुताबिक 21 अक्तूबर की शाम छात्रा से फोन से बात हुई थी। उसने शादी का दबाव भी बनाया था और फंदा लगाने की धमकी भी दी थी।


पुलिस और परिजनों को गुमराह करता रहा आरोपी
छात्रा के पिता का आरोप है कि शेखर उनसे छात्रा के मोबाइल से चैटिंग कर रहा था। उसने पुलिस को भी गुमराह किया। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने पर जब पुलिस शेखर तक पहुंची तो वह पुलिस और उनके साथ छात्रा की तलाश में साथ रहा। शुरुआत में उसने काफी घुमाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उसने सच्चाई कुबूल दी।
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