The barrier worker himself had hatched a conspiracy to loot
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बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा बाईपास में जिला पंचायत के बैरियर से तीन दिनों पूर्व हुई एक लाख 5 हजार की लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए इसे फर्जी और बैरियर कर्मियों की सुनियोजित कारगुजारी बताया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी युवा हैं।
20 मई को बैरियर कर्मचारी अभय त्रिपाठी ने पुलिस को बताया था कि पल्सर बाइक पर सवार तीन बदमाश तहबाजारी वसूली का 1.05 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। सोमवार को सीओ सदर अंबुजा त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि लूट फर्जी थी। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अभय त्रिपाठी और उसका साथी घटना वाले दिन ड्यूटी पर थे। साथ ही दवा लेने दोपहर बांदा शहर चला आया। तभी अभय ने तीन दोस्तों को बुलाकर तहबाजारी की वसूली का पैसा उन्हें दे दिया और वहां से भगा दिया। साजिश के तहत लूट बता दी।
पुलिस ने बताया कि लूट में शामिल अभय के तीनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पैसा आपस में बांट लिया था। इसमें 96,100 रुपये बरामद कर लिए हैं। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। गिरफ्तार आरोपियों में अभय त्रिपाठी (आजाद नगर, बांदा), प्रशांत विश्वकर्मा (महोखर, देहात कोतवाली), अभय सिंह (भूरागढ़ बाईपास) और श्रेयस कुशवाहा (आजाद नगर) शामिल हैं।