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परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू, बोर्ड पर प्रश्न लिखे पन्ने फाड़ उत्तर दिए

Wed, 11 Mar 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं बुधवार को भारी अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं। छात्र-छात्राओं को न प्रश्न पत्र मिले और न कापियां नसीब हुईं। ब्लैक बोर्ड पर लिखे गए सवालों के उत्तर बच्चों ने अपनी कापियों से फाड़े गए पन्नों पर लिखे।
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दो घंटे की परीक्षा महज चंद मिनटों में निपट गई। परिषदीय स्कूलों में भी इस वर्ष पहली बार नए सत्र की शुरुआत अप्रैल से हो रही है इसीलिए परीक्षाएं मार्च के पहले पखवारे में ही कराई जा रही हैं। शासन ने 11 मार्च से 20 मार्च तक परीक्षाएं कराकर 25 मार्च तक रिजल्ट देने को कहा है।

बुधवार को पहले दिन कक्षा एक से पांचवीं तक के करीब 1.90 लाख तथा जूनियर में कक्षा 6 से 8वीं तक के  80 हजार बच्चों ने वार्षिक परीक्षा दी। पांचवीं के बच्चों को हिंदी विषय के 20 प्रश्न उन्हीं की कापी में लिख दिए गए। बच्चों को घर से उत्तर पुस्तिकाएं बनाकर लाने को गया गया था।
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छात्र-छात्राओं ने बताया कि हिंदी की कापियों से छह-छह पेज फाड़कर लाए हैं। इन्हीं में उत्तर लिखा जा रहा है। कक्षा 6 व 7 की छात्राओं के लिए ब्लैक बोर्ड में टीचर प्रश्न लिखती गईं और छात्राएं अपनी कापियों से फाड़े गए पेज पर उत्तर लिखती रहीं।

उधर, बीएसए डॉ.सत्यनारायण ने बताया, परीक्षा के लिए शासन से बजट नहीं मिला है। टीचरों से प्रश्नपत्र छपवाने को कहा गया था। परीक्षाओं की निगरानी की जा रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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