सुरक्षा व्यवस्था भले आड़े आ जाए पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने वालों की लंबी कतार है। तमाम संगठनों और नेताओं ने सीएम से पहले अपने मांग पत्र मीडिया को दिए हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सीएम को खुला पत्र जारी करते हुए कताई मिल चालू करने, मजदूरों का बकाया भुगतान, दैवीय आपदा से त्रस्त किसानों की कर्जमाफी और मुनासिब मुआवजा, गरीबों केा बीएपीएल/अंत्योदय राशन कार्ड इत्यादि की मांगे की गई हैं।
यह पत्र भाकपा (माले) के जिला प्रभारी और कताई मिल मजदूर मोर्चा अध्यक्ष राम प्रवेश यादव ने जारी किया है। भाजपा नेता संतोष अवस्थी और नगर पालिका सदस्य राम प्रसाद सोनी ने मुख्यमंत्री से बांदा मेडिकल कॉलेज का नाम महर्षि बामदेव मेडिकल कॉलेज किए जाने की मांग की है।
श्री सोनी ने कृषि विश्वविद्यालय को बांदा नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने का अनुरोध किया है। दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ जिला संयोजक सुनील मिश्र और मंडल अध्यक्ष राजा भइया पांडेय व जिलाध्यक्ष मूलचंद्र सोनी ने कहा है कि दूसरे बैच के शिक्षा मित्रों का समायोजन शीघ्र किए जाने की मांग संबंधी ज्ञापन देंगे।
ट्रक आपरेटर एसोसिएशन अध्यक्ष राज कुमार गर्ग के मुताबिक जिले की ध्वस्त सड़कों और नोइंट्री के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराएगा।
रामलीला भूमि का विवाद भी ‘लाइन’ में
बांदा। रामलीला भूमि का विवाद भी सीएम से शिकायत करने की ‘लाइन’ में है। शहर की ऐतिहासिक रामलीला ग्राउंड (निम्नीपार) में 1899 से रामलीला मंचन होता चला आ रहा है। कई दशकों पूर्व यहां निर्मित कराए गए रामदरबार, अशोक वाटिका, सीताकुटि, अंगद चबूतरा और रावण चबूतरा हैं।
रामलीला समिति अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता (सीए), प्रबंधक संतोष गुप्ता जारी वाले सहित आरसी गुप्ता, सत्येंद्र गुप्त, राजेद्र वाल्मीकि, सुरेशचंद्र गुप्ता, राम गोपाल प्रजापति आदि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर रामलीला की भूमि पर कुछ लोगों के खिलाफ राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से की जा रही प्लाटिंग और ऐतिहासिक एवं धार्मिक इमारतों को क्षति पहुंचाने की शिकायत करेंगे।