सिमौनी धाम (बबेरू)। सिमौनी गांव में जन्मे बलराम अवधूत महाराज को ईश्वर आराधना की ऐसी लगन लगी कि घर बार छोड़कर कठिन तपस्या में लीन हो गए। गड़रा नदी की जल धारा में बैठकर मानव कल्याण चिंतन किया। हनुमान के परम उपासक बलराम ने दिल्ली में मंदिर और ट्रस्ट की स्थापना की। अपनी मातृभूमि सिमौनी को धाम के रूप में देश व्यापी पहचान दिलाई।
1969 में अवधूत महाराज ने सिमौनीधाम में अखंड राम-नाम कीर्तन की शुरुआत कराई। यह आज भी जारी है। चार दशक से ज्यादा समय से यहां मेला व भंडारे का आयोजन हर साल किया जा रहा है। स्वामी अवधूत के प्रयास से सिमौनी धाम की पहचान पर्यटन स्थल के रूप में हो रही है। तमाम विकास कार्य भी जारी हैं। सिमौनी धाम में उनके गुरु मोनी बाबा की समाधि आस्था का केंद्र है। यहां शंकर जी की 85 फुट ऊंची और हनुमान जी की 110 फीट लेटी प्रतिमा, गणेश व नंदी की मूर्ति आस्था और आकर्षण का केंद्र हैं।
सिमौनीधाम (बबेरू)। श्रद्धालुओं, साधुओं और स्वामी अवधूत महाराज के अनुयायियों व आस्थावानों से सिमौनीधाम आबाद और गुलजार हो गया। यह नजारा तीन दिन रहेगा। बुधवार को पहले ही दिन बड़ी तादाद में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भंडारे में लंबी-लंबी कतारों (पंगत) में मालपुआ, जलेबी व सब्जी-पूड़ी का प्रसाद छका। सांसद और दिल्ली प्रदेश भाजपा पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी हाजिरी दी। उद्घाटन फीता काटकर सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य ने की।
भंडारे में पकवान तैयार कराने से लेकर श्रद्धालुओं को परोसने तक की अलग-अलग व्यवस्थाओं में क्षेत्रीय विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, कमल यादव, रघुनंदन सिह (पंडरी), शिव नायक, बच्चा सिंह (काजीटोला), बृजमोहन सिंह लाला (कुचेंदू), मनोज सिंह (भदवारी), अरुण पटेल (जसईपुर), अर्जुन सिंह (बगेहटा), प्रेम सिंह (पतवन) आदि शामिल रहे।
इनके अलावा राजेश, सुरेश पाठक, सर्वेश तिवारी, भाजपा नेता आनंद स्वरूप द्विवेदी, राकेश सिंह (पचनेही), राजा बाबू सिंह परमार आदि भी व्यवस्थाएं संभाले रहे। स्वामी अवधूत महाराज मंच से पूरे परिसर का जायजा लेते रहे। संचालन पूर्व मंत्री शिव शंकर सिंह पटेल ने किया। एसडीएम दिनेश कुमार सिंह शिविर में मौजूद रहे। उधर, पूरे मेला परिसर में सुरक्षा और चौकसी की जा रही है। 40 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से नजर रखी जा रही है। धाम परिसर में स्थित मधुबन में साधू-संतों का पड़ाव है।