बांदा। शहर के सीमावर्ती केन नदी खदान में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों और खदान कर्मी आमने-सामने आ गए। हवाई फायरिंग के बीच लाठी-डंडे चल गए। दोनों पक्षों से चार लोग लहूलुहान हो गए। एक ग्रामीण को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। पुलिस विवाद की वजह बालू चोरी बता रही है। फिलहाल रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के गोड़ी बाबा स्थित बालू खदान में शुक्रवार को तड़के की है। जबरन बालू भरने को लेकर हुए विवाद में चले लाठी-डंडे में ग्रामीण पक्ष से रामदेव निषाद (55) पुत्र बिंदा प्रसाद और रिश्ते में उसका भतीजा मनोज (30) पुत्र सुरेश तथा खदान कर्मियों में विक्रांत सिंह (20) पुत्र राजकरन (गाजीपुर, फतेहपुर) और बेंदा निवासी दीपू सिंह (28) घायल हो गए।
घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर रामदेव को कानपुर रेफर कर दिया। घायल रामदेव के भतीजे श्रीराम निषाद ने कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया कि सार्वजनिक रास्ते को लेकर हुए विवाद में खदान संचालकों ने मारपीट की और जान से मारने की नीयत से तीन राउंड फायरिंग की, लेकिन वे बाल-बाल बच गए।
दूसरी तरफ घायल खदान कर्मियों का कहना था कि लाठी-डंडों और असलहों से लैस लगभग 50 ग्रामीणों ने खदान में धावा बोलकर बिल बाउचर आदि फाड़ने की कोशिश की। सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले। जबरदस्ती ट्रैक्टर ट्राली में बालू भरने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। खदान में मौजूद करीब छह लोगों को चोटें आई हैं। उधर, कोतवाली नगर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह ने बताया कि बालू चोरी करने को लेकर मारपीट हुई है। घटना की जांच की जा रही है।