बांदा। ठोकिया गिरोह के छह एसटीएफ जवानों और मुखबिर की सामूहिक हत्या के मामले में 15 साल बाद फैसले की घड़ी आ गई है। विशेष न्यायाधीश (डकैती) ने 30 जून की तिथि निर्धारित की है।
21 जुलाई 2007 को मानिकपुर के जंगल में दस्यु सरगना ददुआ को उसके 10 साथियों के साथ मुठभेड़ एसटीएफ ने मार दिया दिया था। इसके अगली रात फतेहगंज थाना क्षेत्र के जंगल से दूसरी मुठभेड़ में ठोकिया गिरोह के सदस्य को मारने के बाद लौटते समय बघोलन तिराहे पर ठोकिया गिरोह ने एसटीएफ कमांडो की कार में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इसमें छह कमांडो और उनके साथ चल रहे मुखबिर की मौत हो गई थी। पांच कमांडो और एक अन्य मुखबिर घायल हो गया था। यह केस यहां विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) की अदालत में चल रहा है। लगभग 15 वर्षों से चल रही सुनवाई अब अंतिम पायदान में पहुंचकर फैसले के मुकाम पर आ गई है। शुक्रवार को सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश नूपुर ने इसका फैसला सुनाने के लिए 30 जून मुकर्रर की है।
सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अधिकांश आरोपी चित्रकूट जेल से अदालत लाए गए थे। दो-तीन आरोपी बीमारी की वजह से नहीं आते। एक आरोपी ज्ञान सिंह हमीरपुर जेल में है। उसे भी लाया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह ने लिखित और मौखिक बहस की।