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ड्रोन से छिड़काव कर होगा खरपतवार का खात्मा

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Spraying with drones will eliminate weed - फोटो : BANDA
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बांदा। बुंदेलखंड में व्यवसायिक खेती की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यहां सामूहिक खेती और कृषक उत्पादक समूह को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह बात प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा और अनुसंधान मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने यहां राष्ट्रीय सेमिनार में कही। नेपाल से आए निदेशक डा. एके जोशी ने कहा कि अब ड्रोन के माध्यम से छिड़काव करके खरपतवार का खात्मा होगा।
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मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वर्ष 2013-14 से अब तक 13,900 स्िप्रिंकलर सेट किसानों को बांटे जा चुके हैं। बुंदेलखंड का विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में है। बुंदेलखंड में लघु व सीमांत किसानों को ड्रिप व स्िप्रिंकलर सेट में 90 प्रतिशत और बडे़ किसानों को 80 फीसदी अनुदान दिया जा रहा हैं।
एनआरएलएम के तहत यहां 52 कृषि स्वयं सहायता समूहों का गठन एक मिसाल हैं।
सेमिनार में आए साउथ एशिया समिट, काठमांडू (नेपाल) के निदेशक डा. एके जोशी ने कहा कि अब ड्रोन से छिड़काव करके खरपतवार का खात्मा किया जाएगा। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर के वैज्ञानिक डा. जीपी दीक्षित ने बुंदेलखंड में दलहनी फसल की खेती पर जोर दिया।
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बुंदेलखंड में मानसून स्टेशन बनाने का प्रस्ताव
डा. रजनीश रंजन ने बताया कि बुंदेलखंड में मानसून स्टेशन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह स्टेशन बनने से मानसून का पूर्वानुमान किसानों को सीधे उनके मोबाइल पर भेजा सकेगा। बारिश, ओला और मौसम संबधी अन्य जानकारियां 15-30 दिन पहले किसानों को दी जाएगी।
प्रगतिशील किसान उमाशंकर पांडेय ने अपने गांव जखनी में भू जल संरक्षण का मॉडल प्रस्तुत किया। किसान लल्ला सिंह ने शून्य बजट पर किसान सिस्टम प्रस्तुत किया। किसान श्याम बिहारी गुप्ता ने एक वर्ष में किसानों की आय तीन गुनी करने की योजना पेश की। श्रम मंत्री मनोहर लाल पंत और चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के डा. एस सोलोमन, रिमोट सेंसिग एप्पलीकेशन सेंटर के डा. पुष्पेंद्र यादव, डा. अर्जुन सिंह, डा. आर के अग्रवाल व डा. नरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
30 फीसदी भू जल बचा, 20 वर्ष में खत्म हो जाएगा
बांदा। राष्ट्रीय सेमिनार में आए मध्य प्रदेश सरकार के सचिव उमाकांत राय ने समापन समारोह में कहा कि सतही पानी का 90 फीसदी हिस्सा केवल आर्थिक लाभ के लिए प्रयोग किया जाता है। बडे़ किसान ही ज्यादा पानी खर्च कर रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि भू जल भंडार सिर्फ 30 फीसदी ही बचा है। अभी से सचेत न हुए तो अगले 20 वर्षों में यह पानी खत्म हो जाएगा। उन्होंने जल बचाओ- लाभ कमाओ का नारा देते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए रेन वाटर सोर्स के बारे में सोचना होगा। उन्होंने मध्य प्रदेश के देवास जिले का उदाहरण दिया। कहा कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए नहीं, मिट्टी के लिए होगा।
ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी व जवाबदेही तय हो
बांदा। बुंदेलखंड विकास बोर्ड चेयरमैन बादल सिंह ने सेमिनार में कहा कि भूमि समतलीकरण बहुत जरूरी है। ग्राम समितियों की मासिक बैठकें होनी चाहिए। इसमें जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षित करके ग्राम विकास का भागीदार बनाया जाए। खेती वाली जमीन में नीचे की ओर तालाब हो। इस चर्चा के दौरान प्रोफेसर एसपी सिंह, वरिष्ठ सलाहकार अनिल सिन्हा, संजय सिंह परमार, डा. संजय सिंह आदि शामिल रहे।
निवेशकों और उद्यमियों के निवेश मित्र पोर्टल
बांदा। प्रदेश के प्रमुुख सचिव (उद्यम विकास) आलोक कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड में सरकार उद्यमियों के साथ हैं। उनके विभाग ने निवेश मित्र पोर्टल की शुरूआत की है। निवेशकों और उद्यमियों को सभी काम पोर्टल पर आनलाइन होगे। लाइसेंस और एनओसी भी इसी से प्राप्त की जा सकेगी। सत्र में मौजूद यूपीडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीचंद्र वर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कारीडोर से बुंदेलखंड के सभी जिलों को लाभ मिलेगा।
केपीएमजी के प्रबंधक वैभव शुक्ला और बिजनेस डेवलपमेंट के निर्देशक गौरव पिलानिया, यूपीपीसीबी के सदस्य प्रदीप शर्मा, एमकेयू के प्रोफे सर राजेंद्र गुप्ता, दयाल ग्रुप निदेशक अंकित गुप्ता आदि ने भी जानकारियां दीं। हैंडलूम व टेक्सटाइल के मंडलीय सहायक व्यापार कमिशभनर डा. उत्तीर्णवीर सिंह, जीएसआई सहायक निदेशक सोमनाथ सिंह चंदेल, सीएमडी पीतांबरा अतुल शर्मा, ज्येष्ठ खनन अधिकारी एसके सिंह, जियोलाजिस्ट जीपी सिंह व सोमनाथ चतुर्वेदी ने भी विभिन्न टिप्स दिए। लखनऊ विश्वविद्यालय के जियोलाजी प्रोफेसर केके अग्रवाल ने बुंदेलखंड में जल संसाधन के संरक्षण पर जोर दिया।
बांदा के अभियान सेमिनार में गूंजे
बांदा। राष्ट्रीय सेमिनार में दूसरे दिन बांदा डीएम हीरालाल ने पिछले एक वर्ष में जल और भू-जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनपद में चलाए गए विभिन्न अभियानों को प्रोजेक्टर के माध्यम से पेश किया। कुआं-तालाब, भू-जल बचाओ अभियान, हरित क्रांति के लिए पौध प्रसाद, बिना बजट जल संरक्षण आदि जानकारियां दीं। साथ ही इन मिशनों में केंद्र और प्रदेश सरकारों द्वारा मिले पुरस्कार और सम्मान के बारे में बताया। डीएम ने कहा कि किसान अपनी खेती को व्यवसायिक खेती में बदलें। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। सेमिनार में आए अपर प्रमुख सचिवों, अफ सरों आदि ने इन अभियानों और प्रयासों को सराहा। डीएम ने बांदा जनपद बांदा की धरती को सेमिनार में आए लोगों का अभिनंदन व स्वागत किया।
टूरिस्ट सर्किट बनाने का सुझाव
बांदा। बुंदेलखंड और खासकर चित्रकूटधाम मंडल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंटेक के बांदा कनवीनर हारिस जमां ने सेमिनार में आए प्रदेश के प्रमुख (पर्यटन) जितेंद्र कु मार से मुलाकात कर उन्हें कालिंजर-खजुराहो मार्ग को विकसित करने का अनुरोध किया। खजुराहो-अजयगढ़- वीरस्पति कुंड-कालिजंर-चित्रकूट-मानिकपुर-रानीपुर टाइगर-इलाहाबाद टूरिस्ट सर्किट बनाने का अनुरोध किया। कहा कि इसमें यूपी-एमपी के पर्यटन विभाग इंटेक के साथ एफआईसीसीआई के सहयोग से काम करें। इससे बुंदेलखंड का विकास होगा। सचिव ने श्री जमां से कहा कि इस पर एक रिपोर्ट तैयार करे उन्हें दे।
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