चर्चित सपा नेता दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस और मुख्य अभियुक्त को अदालत से झटका लगा है। आरोप पत्र दाखिल हो जाने के बावजूद इन दोनों ने अदालत से पुन: विवेचना की अनुमति मांगी थी। अदालत ने पहले पुलिस और अब अभियुक्त जितेंद्र सिंह की अर्जी को खारिज कर दिया है।
मटौंध नगर सपा अध्यक्ष बादल खां और उनके मुनीम पंकज शुक्ला की 12 अगस्त 2014 को बांदा शहर के केवटरा चौराहे पर सरेशाम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक सपा नेता की पत्नी नाजमा ने केवटरा मोहल्ला निवासी और बादल खां के पुराने प्रतिद्वंद्वी जितेंद्र सिंह और छोटे खां सहित चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
चारों जेल में हैं। शहर कोतवाली पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड की विवेचना करके अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अब अदालत में अभियुक्तों पर आरोप तय होना हैं जो लगातार टल रहा है। मामला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन है।
इधर, अभियुक्त जितेंद्र सिंह ने 30 जून को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अर्जी देकर कहा कि कुछ नए तथ्य प्रकाश में आए हैं। इसे विवेचना में शामिल किया जाना जरूरी है। अभियुक्त ने महोबा के अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट का हवाला भी दिया।
कहा कि अगर नए तथ्य शामिल नहीं किए गए तो उसे न्याय नहीं मिल सकेगा। जितेंद्र सिंह की इस अर्जी पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम केके अस्थाना ने अपने आदेश में कहा है कि विवेचना के बाद अभियुक्त जितेंद्र सिंह, अनिल सिंह, राजेश और छोटे खां के विरुद्ध धारा 302, 307 का आरोप पत्र दाखिल हुआ है।
इस पर न्यायालय द्वारा संज्ञान भी लिया जा चुका है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप निर्धारण किया जाना है। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में अनावश्यक विलंब किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। न्यायाधीश ने जितेंद्र सिंह की अर्जी को खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि मौजूदा कोतवाली प्रभारी ने भी पिछले माह अर्जी देकर पुन: विवेचना की अनुमति मांगी थी। अदालत ने कोतवाली प्रभारी की इस अर्जी को भी खारिज कर दिया था।