बांदा। बीमारी से आजिज महिला मंगलवार को गले में दवाएं बांधकर पेड़ में फांसी पर झूल गई। ग्रामीणों ने जब शव लटका देखा तो महिला के घरवालों को जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि पति की मौत के बाद से मृतका का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
मृतका गांव के प्राथमिक विद्यालय में रसोइया थी। घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के बिसंडी गांव की है। मंगलवार की देर रात रामनारायण की पत्नी मुनिया (58) बिना किसी को बताए चुपचाप घर से निकल गई। उसके बहू और बेटे को आहट तक नहीं मिली।
इसके बाद घर के सामने लगे बेर के पेड़ में उसने रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। बुधवार को सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ी और परिजनों को घटना के बारे में बताया। कुछ देर बाद पुलिस आ गई और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसने एक कपड़े में ढेर सारी दवाएं बांधकर गले में लटका रखी थीं।
पुलिस ने दवाएं कब्जे में ले लीं। इस बाबत पुत्र रामू का कहना है कि कम दिखाई देने पर पांच दिन पूर्व उसने आंखें बनवाई थीं। वहीं दवाएं गले में ताबीज की तरह पहने थी। वर्ष 2009 में पिता रामनारायण की बीमारी से मृत्यु के बाद से मां मुनिया का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहने लगा।
अक्सर उल्टी-सीधी बातें करती थी। मृतका के दो पुत्र हैं। वह छोटे बेटे आनंद के साथ रहती थी। बड़ा बेटा रामू सपरिवार अलग रहता था।
हादसे में घायल महिला की कानपुर में मौत
बांदा। सड़क हादसे में घायल महिला ने कानपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बांदा में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। गिरवां क्षेत्र के शेखनपुर गांव निवासी पूरन प्रसाद की पत्नी कुसुमा (55) सोमवार की शाम शौच के लिए जा रही थी।
शेखनपुर गांव के पास नरैनी से बांदा जा रहे बाइक सवार ने टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बाइक सवारों ने ही उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे कानपुर ले जाकर हैलट में भर्ती करा दिया। मंगलवार की शाम उसकी मौत हो गई।
मृतका के नाती सेवक ने बताया कि कुुसुमा गुमटी में गुटका बेचती थी। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद तीनों बाइक सवार लघुशंका का बहाना बनाकर भाग गए। ग्रामीणों ने उनकी बाइक छीनकर घर में खड़ी करा दी है। पोस्टमार्टम के बाद वह पुलिस में कार्रवाई करेंगे। बताया कि पति दिव्यांग है। मृतका के एक पुत्र है।