भगवा उतारकर लाल टोपी पहने विधायक बृजेश प्रजापति।
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बांदा। अपने राजनीतिक मार्गदर्शक स्वामी प्रसाद मौर्या के साथ कमल से किनारा कर साइकिल पर सवार हुए विधायक बृजेश कुमार प्रजापति के पाला बदलने से एक बार फिर तिंदवारी विधानसभा सीट सुर्खियों में है। पहले भी कई बार यहां प्रदेश के दिग्गज नेताओं द्वारा चुनाव लड़े जाने से इसे सुर्खियां मिलती रही हैं।
बृजेश प्रजापति ने अपनी सक्रिय सियासत की शुरूआत तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर की। युवा अवस्था और अपनी तल्ख बयानी से पूरे कार्यकाल में अंदरूनी तौर पर भाजपा नेताओं को यह नहीं सुहाए। इसके लिए यह दलील भी दी जाती रही कि वह स्वामी प्रसाद मौर्या गुट के हैं और उन्हीं के कोटे से उन्हें तिंदवारी सीट से टिकट मिला।
इसमें भाजपा नेताओं का कोई खास दखल नहीं था। हाल ही में स्वामी प्रसाद मौर्या द्वारा मंत्री पद और भाजपा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के तत्काल बाद उसी भाषा में बृजेश ने भी अपना इस्तीफा लिखकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया था।
शुक्रवार को लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्या अपने अन्य साथियों के साथ सपा में शामिल हुए तो इसमें विधायक बृजेश प्रजापति भी रहे। भगवा उतर गया और सिर पर लाल टोपी चढ़ गई। अब सियासी गलियारों में ये चर्चाएं गरमा गई हैं कि बृजेश अपने निर्वाचन क्षेत्र में सपा से प्रत्याशी हो सकते हैं। भले ही यहां से टिकट मांगने वाले सपा नेताओं के लिए यह तकलीफदेह बात हो, पर भाजपा से टिकट मांगने वालों के लिए सुखद संदेश है।
माना जा रहा था कि भाजपा सीटिंग विधायक को दोबारा प्रत्याशी बनाने में तरजीह देगी। ऐसे में भाजपा के अन्य दावेदार कुछ सुस्त नजर आ रहे थे। लेकिन अब उनमें तेजी आ गई है। उधर, बृजेश के समर्थक और साथी तिंदवारी क्षेत्र में साइकिल दौड़ाने में जुट गए हैं। ऐसे में तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र का चुनाव जनपद की अन्य सीटों के मुकाबले ज्यादा रोचक और दिलचस्प रूप ले चुका है।