बांदा। कई दिनों के बाद सोमवार को शाम मंडल मुख्यालय समेत जनपद के अधिकांश इलाकों में घने बादलों ने घनघोर बारिश की। जगह-जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई। हालांकि दिनभर तेज धूप से उमस और पसीने से जूझ रहे लोगों ने राहत महसूस की। उधर, मध्य प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश से गंगऊ और बरियारपुर बांधों का जल स्तर बढने के साथ ही इनसे केन नदी में छूट रहे पानी की मात्रा भी बढ़ गई।
कई दिनों से चित्रकूटधाम मंडल तेज बारिश नहीं हुई। बादल, बूंदाबांदी में ही दिन बीत रहे थे। सोमवार को भी सुबह से बादलों की आवाजाही रही। बीच-बीच में निकली तेज धूप की तपिश और उमस से जनजीवन प्रभावित रहा। लेकिन सूर्यास्त के समय मौसम ने तेवर बदले और पश्चिम की ओर से आए गहरे मानसूनी बादलों ने जमकर पानी बरसाया। लगभग 30 मिनट तक तेज बारिश हुई। इसके बाद देर तक बौछारें पड़ती रहीं। तापमान में भी कई डिग्री की गिरावट आई।
उधर, पिछले कई दिनों से सीमावर्ती मध्य प्रदेश के अधिकांश जनपदों में हो रही भीषण बारिश से मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जनपदों में स्थित गंगऊ और बरियारपुर बांध/वियर में जल स्तर फिर बढने लगा है। दोनों बांधों की क्रस्टवाल से उफनाकर केन नदी में गिर रहे पानी की मात्रा बढ़ गई है। गंगऊ से लगभग 38 हजार और बरियारपुर से 39 हजार 388 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा है। इससे नदी के जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। हालांकि यह अभी मामूली है। केन का जल स्तर बांदा में 97.50 मीटर पर हो गया है। यह खतरे के निशान से लगभग साढ़े 6 मीटर नीचे है।