बांदा। आरजीआरएस प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण व प्रभावी निस्तारण न करने पर जिला स्तर के चार अधिकारियों के वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया गया है। जिलाधिकारी की समीक्षा में इनका कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया।
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आरजीआरएस) के प्रकरणों की समीक्षा की। जिसमें पाया गया कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा आरजीआरएस के प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे निरंतर नेगेटिव फीडबैक में बढ़ोतरी हो रही है। शिकायत की संतुष्टि के बिना ही शिकायत का निस्तारण दिखाया जा रहा है।
जिससे शासन स्तर पर आरजीआरएस की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। शासन स्तर पर कड़ी नाराजगी जाहिर की गई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि मौके पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने व बिना शिकायतकर्ता की संतुष्टि के शिकायत का निस्तारण दिखाने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आरजीआरएस की शिकायतों में सर्वाधिक निगेटिव फीड के मिलने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, उप निदेशक कृषि, जिला पंचायत राज अधिकारी का अग्रिम आदेशों तक के लिए वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। हिदायत दी है कि वह समय रहते शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। भविष्य में इस तरह का निगेटिव फीडबैक नहीं आना चाहिए।