बांदा। बिसंडा क्षेत्र के कैरी गांव की गोशाला में गोवंश की मृत्यु और अव्यवस्थाओं की शिकायत व अखबार में खबर प्रकाशित कराना समाजसेवी को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा सहित आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने कैरी गांव में 8 गोवंशों की मृत्यु की शिकायत की थी। यह शिकायत अमर उजाला में प्रकाशित हुई थी। इस पर अगले ही दिन डीएम और सीडीओ सहित अन्य अधिकारी कैरी गांव की गोशाला में पहुंचे थे। शिकायतकर्ता पटेल का कहना है कि उन्होंने पयार में छिपे गोवंशों के शव अफसरों को दिखाए थे। अधिकारियों ने दो पशुओं के कंकाल और एक शव की बात स्वीकारी भी थी।
ग्राम पंचायत अधिकारी अंकित कुमार अवस्थी ने मंगलवार को बिसंडा थाने में पीसी पटेल के विरुद्ध धारा 186, 283 आईपीसी व सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम-2008 (आईटी एक्ट) की धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि शिकायतकर्ता ने समाचार पत्र व सोशल मीडिया में फर्जी व भ्रामक वीडियो प्रसारित कराया। शासन के महत्वाकांक्षी योजना के बारे में गुमराह किया। यह भी कहा कि अधिकारियों की जांच के समय पटेल ने ग्रामीणों को उकसाकर गोशाला के आसपास झगड़े की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया था।