बांदा। कोरोना महामारी के बाद जिले में इस बार गेहूं खरीद का एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। विभाग ने समर्थन मूल्य पर लक्ष्य का 94 फीसदी गेहूं खरीद लिया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। विशेष रूप से खाद्य विभाग ने अपने लक्ष्य से 107 फीसदी अधिक गेहूं की खरीद कर अव्वल स्थान हासिल किया है, जबकि भारतीय खाद्य निगम ने भी 145 फीसदी का लक्ष्य पार कर लिया है। विभाग को उम्मीद है कि शेष दो दिनों में खरीद का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया पहली मार्च से शुरू हुई थी, जिसका कुल लक्ष्य 32,500 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। इस खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम, यूपीएसएस और पीसीयू जैसी पांच प्रमुख एजेंसियों को नामित किया गया था। इन एजेंसियों द्वारा कुल 64 क्रय केंद्र खोले गए थे।
आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 6,595 किसानों ने अपनी उपज एजेंसियों को बेची है, जिससे उन्हें लगभग 7925 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है। इसमें खाद्य विभाग को सर्वाधिक 2374 किसानों ने अपना गेहूं बेचा। जबकि पीसीएफ को 2140 किसानों ने अपनी उपज बेची।
एजेंसीवार खरीद का विवरण:
एजेंसी निर्धारित लक्ष्य (मीट्रिक टन) हुई खरीद (मीट्रिक टन) प्रतिशत
खाद्य विभाग 11000 11839 107%
पीसीएफ 10000 9335 93.35%
भारतीय खाद्य निगम 1000 1453 145.3%
यूपीएसएस 4500 4174 92.76%
पीसीयू 6000 3572 59.53%
कुल योग 32500 30373 93.45%
नोट: उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल खरीद 30424 मीट्रिक टन दर्शाई गई है, जो 93.6 फीसद के करीब है। खाद्य विभाग और भारतीय खाद्य निगम के प्रतिशत को देखते हुए, कुल खरीद 94 फीसद के आसपास मानी जा रही है।
वर्जन
गेहूं खरीद की प्रक्रिया विगत वर्षों की अपेक्षा इस साल काफी बेहतर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि 15 जून तक क्रय केंद्रों पर आने वाले सभी किसानों के गेहूं की खरीद की जाएगी और किसी भी किसान को निराश नहीं लौटना पड़ेगा। वर्तमान में भी खरीद केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
रामानंद, जिला विपणन अधिकारी