बांदा। बूढ़े माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण व जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रत्येक तहसील में सुलह अधिकारी की नियुक्ति की गई है। प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 के प्राविधानों के तहत की है। सुलह अधिकारियों की नियुक्तियां शुरू हो गई हैं। जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता शामिल है। सुलह अधिकारी वृद्धाश्रमों का माह में दो बार निरीक्षण और मानीटरिंग करेंगे।
प्रदेश के समाज कल्याण विभाग निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी ने सभी जिलाधिकारियों को जारी पत्र में उत्तर प्रदेश माता पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण व कल्याण नियमावली हवाला देते हुए कहा है कि प्रत्येक तहसील में सुलह अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। इनका कार्यकाल तीन वर्ष होगा। इसके अलावा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिलों में जिला स्तरीय अपीलीय अधिकरण और तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में भरण-पोषण अधिकरण सका गठन किया गया है। अधिकरण में पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित विवादों का समाधान/सुलह के लिए तहसील में सुलह अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। इनके द्वारा निस्तारित प्रकरणों की सूचना हर माह निर्धारित प्रारूप पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित की जाएगी।
निर्देश दिए गए हैं कि सुलह अधिकारी पंजिका बनाकर तहसील क्षेत्र के सभी स्वैच्छिक संस्थाओं का विवरण दर्ज करेंगे, जो संस्था वृद्धों के लिए काम कर रही है उस संस्था या व्यक्ति का विवरण अलग रखेंगे। सुलह अधिकारी तहसील के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य आदि का भी ब्योरा रखेंगे। निदेशक ने यह भी कहा है कि सुलह अधिकारी संबंधित तहसील में चल रहे वृद्धाश्रमों में हर माह दो बार निरीक्षण/अनुश्रवण करेंगे। जनपद स्तर पर होने वाले तहसील/थाना दिवस में उपस्थित रहकर वरिष्ठ नागरिकों की अर्जियों/शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने में सहयोग करेंगे।
एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों से समाज कल्याण अधिकारी व उप जिलाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही तहसील स्तर पर सुलह अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। उम्मीद है कि अगले माह तक तहसीलों में सुलह अधिकारी काम शुरू कर देंगे।
पुलिस की मदद भी दिलाएंगे सुलह अधिकारी
बांदा। वरिष्ठ नागरिकों को जीवन और संपत्ति सुरक्षा मामलों में भी सुलह अधिकारी की भूमिका होगी। समाज कल्याण निदेशक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘आपरेशन सवेरा’ कार्यक्रम के तहत सभी पुलिस थानों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए गठित सेल से सुलह अधिकारी संपर्क कर सहयोग देंगे।