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पड़ोस में बारिश, खरीद केंद्रों पर मंडराए बादल

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Rain in the neighborhood, clouds hovering over the procurement centers - फोटो : BANDA
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बांदा। प्रदेश के कई स्थानों में बीती रात हुई बारिश से खेती-किसानी और खरीद केंद्रों में किसानों के धान को हुए नुकसान से यहां के किसान भी सहमे हुए हैं। यहां भी मौसम बदल रहा है और बादल छाए हैं। फिलहाल बारिश तो नहीं हुई है लेकिन आसार नजर आ रहे हैं। बेमौसम की बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। खुले आसमान तले ट्रैक्टर ट्रालियों पर रखा किसानों का धान भीगा तो सरकारी एजेंसियों में इसकी खरीद नहीं होगी। उधर, खरीद केंद्र भी धान से हाउस फु ल हो गए हैं। जल्दी ही यहां से उठान कराकर गोदामों में न भेजा गया तो अब खुले आसमान तले धान रखा जाएगा।
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मुख्यालय स्थित मंडी समिति परिसर में विपणन विभाग के सात व एफसीआई छह केें द्रों में खरीद चल रही है। यहां कई किसान धान के बोरे लदी ट्रालियां लिए खुले आसमान तले कई दिनों से अपनी खरीद होने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, दो दिनों से मौसम बदल गया है। सोमवार की रात पड़ोसी जिलों में बारिश भी हो गई है। यहां मामूली बूंदाबांदी हुई। बादल अभी भी नजर आ रहे हैं। मौसम के इस बदलाव से किसान परेशान हैं। उन्हें डर सता रहा है कि बारिश हुई तो उनका धान भीग जाएगा।
सचिव मंडी समिति विभा श्रीवास्तव ने बताया कि धान की आवक अभी धीमी है। जो खरीद हुई है उसके उठान के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। किसानों की संख्या बढ़ने पर उन्हें बारिश से बचाने को छाया की व्यवस्था कराई जाएगी।
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उधर, पीसीएफ क्रय केंद्र में सिर्फ 2500 क्विटंल धान रखने की व्यवस्था है। केंद्र प्रभारी पंकज यादव ने बताया कि 1326 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। दो दिन में यहां से धान की उठान न हुई तो गोदाम फुल हो जाएगा। ऐसे में खुले स्थान पर धान रखना मजबूरी होगी। उधर, एफसीआई केंद्र प्रभारी श्रीश कुमार ने बताया कि उनके पास सिर्फ 1500 क्विंटल धान रखने की व्यवस्था है। 800 क्विंटल खरीद चुके हैं। दो दिन बाद गोदाम पूरी तरह से भर जाएगा। इस बारे में अधिकारियों को धान उठान के लिए पत्र भेजा जा चुका है।
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