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बारिश ने तोड़ा सात साल का रिकार्ड

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बांदा। मानसूनी बारिश ने जिले में अबकी पिछले सात सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। शनिवार को विदा हो गए जुलाई माह ने बारिश के रिकार्ड की नई इबारत दर्ज की। पहली बार 15 जून से 31 जुलाई के बीच 420.7 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। अगस्त का आगाज भी बारिश से हुई। इस माह के पहले दिन लगभग 100 एमएम बारिश बताई गई है।
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तड़के से हो रही झमाझम बारिश से जगह-जगह जलभराव की नौबत रही। जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। कच्छे घर ढहने की कगार पर आ गए। मानसूनी मौसम (वर्षा ऋतु) 15 जून से शुरू होता है। सात साल बाद अबकी जुलाई माह में सबसे ज्यादा वर्षा हुई। राजस्व और कृषि विभाग के आंकड़े और मौसम जानकारों के मुताबिक इस वर्ष जुलाई माह के अंत तक 420 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
हालांकि, अगस्त माह के पहले दिन हुई करीब 100 मिलीमीटर बारिश भी जोड़ दी जाए तो यह आंकड़ा पांच सौ के पार पहुंच जाएगा। कई वर्षों बाद सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। उधर, रविवार को तड़के से हो रही रुक-रुक कर मूसलाधार व रिमझिम बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है।
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नाले-नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया। लोग पानी निकालने में जुटे रहे। कच्चे घर गिराऊ हालत में पहुंच गए। जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सड़कों पर राहगीर छाता लिए नजर आए।
वहीं तेज हवाएं चलने से अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस लुढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस हो गया। कृषि विश्वविद्यालय के कृषि व मौसम विज्ञानी डा. दिनेश साहा ने बताया कि बांदा में 850 एमएम बारिश का औसत है। अब तक 60 फीसदी से ज्यादा बारिश हो चुकी। अभी दो दिन ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं।
सात सालों में बांदा में मानसूनी बारिश के आंकड़े (मिमी में)---
वर्ष जून जुलाई
2015 81.1 221.4
2016 86.3 410.3
2017 30.0 261.9
2018 49.7 288.4
2019 24.3 399.3
2020 59.2 279.5
2021 63.8 420.7
गांवों में बारिश बनी मुसीबत
अतर्रा/खप्टिहा कलां। मूसलाधार बारिश से अतर्रा के नरैनी रोड सुभाष नगर में जल निकासी न होने से बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। मोहल्ले को लोगों का कहना है कि सभासद को जानकारी दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आक्रोशित बाशिंदों ने नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी की।
खप्टिहा कलां के आलोना गांव मे जल निकासी व सफाई की व्यवस्था न होने से चारों तरफ जलभराव व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गांव से बस स्टैंड तक आवागमन प्रभावित है। कीचड़ में गिरकर घायल हो रहे हैं। बड़े अफसरों की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बारिश से जलभराव, ग्रामीण परेशान
बबेरू/पैलानी/चिल्ला। कई दिनों से हो रही भीषण बारिश से कस्बा सहित आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति हो गई है। बबेरू के राघव थोक, करूइहा पुरवा, मरका तिराहा, सुंदर कुआं, बबेरू ग्रामीण नई तहसील मार्ग में दो फीट पानी भरा हुआ है। वाहन तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
इससे आने जाने में लोगों को खासी दिक्कतें हो रही है। बारिश से 12 घंटे से बिजली नहीं है। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति बाधित है। इससे आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। उधर, पैलानी में बारिश से नदी नाले उफनाने लगे है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई है। बारिश से कई कच्चे मकान गिर गए।
जर्जर मकानों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। इधर, दो दिनों से बढ़ रहा यमुना नदी का जलस्तर घटने लगा है। 24 घंटे में एक फीट जलस्तर घट गया। हालांकि, अभी यमुना नदी खतरे के निशान से 10 फीट नीचे है। चिल्ला में बारिश से गांव के गांव टापू नजर आने लगे है। कच्चे मकान व पेड़ गिर गए। बिजली के तार टूट गए, जिससे पूरा दिन बिजली आपूर्ति बाधित रही।
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