पिछले एक दशक से आयकर अदा न करने पर जनपद के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीनों खंडों के भुगतान पर कानपुर के आयकर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। आयुक्त ने कोषागार के कोषाधिकारी को किसी भी तरह के भुगतान न करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के तीनों खंडों पर आठ करोड़ 93 हजार 824 रुपये आयकर बकाया बताया गया है। तीनों खंडों के कोष में 400 करोड़ रुपये जमा हैं। ऐसे में पीडब्ल्यूडी के तमाम निर्माण विकास कार्य ठप हो गए हैं। कानपुर स्थित आयकर आयुक्त ने यहां मुख्य कोषाधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड पर वर्ष 2007-08 से वर्ष 2017-18 तक एक करोड़ 24 लाख 49 हजार 524 रुपये आयकर बकाया है।
इसी तरह निर्माण खंड-दो पर इसी अवधि का 65 लाख 50 हजार 157 रुपये और निर्माण खंड-एक का 6 करोड़ 79 लाख 33 हजार 211 रुपये आयकर बकाया है। तीनों खंडों ने वर्ष 2007-08 से वर्ष 2017-18 तक आयकर नहीं अदा किया है। कोषागार में इन तीनों खंडों का चार अरब रुपया जमा है।
प्रांतीय खंड के खाते में सर्वाधिक दो अरब रुपये, निर्माण खंड दो के खाते में एक अरब 10 करोड़ रुपये और निर्माण खंड एक के खाते में 90 करोड़ रुपये जमा हैं। कानपुर के आयकर आयुक्त ने अपने पत्र में कोषाधिकारी से कहा कि बिना आयकर अदायगी के तीनों खंडों का कोई भी भुगतान न किया जाए।
उधर, लोक निर्माण खंड के अधीक्षण अभियंता (एसई) एसी जैन का कहना है कि उनके विभागों ने सभी आयकर जमा कर दिया है, लेकिन अपलोडिंग सिस्टम में कोई तकनीकी गड़बड़ी से शो नहीं हो रहा है। कहा कि इसको वह दिखवा रहे हैं। भुगतान रोक दिए जाने से निर्माण कार्य ठप हो जाने के सवाल पर अधीक्षक अभियंता का कहना था कि इस पर हम क्या कर सकते हैं?