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Banda News: कठिया गेहूं और गुड़ के दाम पहुंचे 50 रुपये किलो, सर्दी में बढ़ी मांग

Wed, 26 Nov 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो - 02 दुकान में बिकने के लिए लगा गेहूं व गुड़। संवाद
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बांदा। सर्दी के शुरुआती दौर में बाजारों में कठिया गेहूं का आटा और देसी गुड़ की मांग तेजी से बढ़ गई है। जैसे ही तापमान गिरना शुरू हुआ, लोगों ने अपने खानपान में पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को फिर से प्राथमिकता देना शुरू कर दी है। इस बढ़ती लोकप्रियता के पीछे जहां स्वास्थ्य लाभ बड़ी वजह है, वहीं पिछले वर्ष की तुलना में कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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पोषण विशेषज्ञ मानते हैं कि कठिया गेहूं का आटा आम गेहूं की तुलना में अधिक फाइबर, मिनरल और प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है। इसका सेवन सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देने, पाचन सुधारने और गर्माहट बनाए रखने में सहायक होता है। इसी तरह देसी गुड़ आयरन, मिनरल और एंटी-ऑक्सीडेंट के कारण सर्दी के मौसम में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। यही कारण है कि घरेलू रसोई से लेकर मिठाई और पारंपरिक व्यंजनों तक, गुड़ की खपत में तेजी आई है।
बाजार में मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी वृद्धि देखने को मिली है। व्यापारी अनिल कुमार के अनुसार इस वर्ष कटिया गेहूं के आटे के दाम में लगभग 15 से 20 फीसद की वृद्धि हुई है। वहीं गुड़ के दामों में बीते वर्ष की तुलना में 10 से 12 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गन्ने की लागत, मजदूरी और परिवहन खर्च बढ़ने के साथ-साथ बढ़ती मांग को भी इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
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खरीदारों का मानना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद वे कठिया आटा और गुड़ को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि यह शरीर को प्राकृतिक तरीके से गर्माहट देने और बीमारियों से बचाने में मदद करता है। दुकानदारों के अनुसार सर्दी का असर गहराने के साथ मांग और बढ़ सकती है।

कठिया गेहूं स्वास्थ्य के लिए बेहतर
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीत सचान बताते हैं कि सर्दियों में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत होती है। कठिया गेहूं का आटा और देसी गुड़ दोनों ही प्राकृतिक रूप से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ हैं। कठिया आटा ज्यादा फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, जबकि गुड़ शरीर में आयरन की कमी पूरी करता है और सर्दी-जुकाम जैसे मौसमी संक्रमण से बचाने में मदद करता है। बताया कि कठिया गेहूं में कार्बोहाइड्रेट और विटामिन-ए जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार माने जाते हैं। इसकी पाचन क्षमता भी अच्छी होती है। कठिया गेहूं का इस्तेमाल दलिया, सूजी, स्पैगेटि सहित अन्य व्यंजन बनाने में किया जा सकता है।

सामान्य से दो गुने दाम में बिकता है यह गेहूं

सामान्य प्रकार का गेहूं बाजार में 24 से 27 रुपये प्रतिकिलो के होता है। जबकि कठिया गेहूं का मूल्य आमतौर पर सामान्य गेहूं से अधिक होता है। ऑनलाइन बाजार में जैविक कठिया गेहूं 50 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। मंडी में भी इसकी कीमत अक्सर सामान्य गेहूं की ऊपरी सीमा या उससे अधिक होती है।
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