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प्रतिनिधि रखने पर कसा शिकंजा, अब रखा तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

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बांदा। प्रतिनिधि के नाम पर प्रधानी या किसी अन्य जन प्रतिनिधि का प्रतिनिधित्व करने वालों पर अब शासन ने शिकंजा कस दिया है। अपने नाम पर किसी और को आगे करने वाले जन प्रतिनिधि अगली बार चुनाव से वंचित हो सकते हैं। प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (पंचायती राज ) की ओर से जारी शासनादेश में निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिनिधि रखने वाले जन प्रतिनिधियों को चिह्नित किया जाए। अगला चुनाव लड़ने पर इन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी न किया जाए।
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पंचायती राज व्यवस्था में चुने गए जन प्रतिनिधि को अपना प्रतिनिधि नामित करने की व्यवस्था नहीं है। ग्राम प्रधान से लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य अपने स्तर से प्रतिनिधि नामित कर देते हैं। ज्यादातर महिला जन प्रतिनिधि यह रवैया अपनाती हैं। हालांकि शासन इस पर रोक लगा चुका है। इसके बाद भी यह चलन बरकरार है। सरकारी बैठकों में अक्सर प्रधान या बीडीसी की जगह इनके प्रतिनिधि प्रतिभाग करते हैं। अब शासन ने एक बार फिर इस परंपरा पर लगाम कसी है। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिनिधि रखने वालों को अगला चुनाव लड़ने से रोका जा जाए।
शासन के निर्देश मिलने के बाद चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (पंचायत) दिनेश सिंह ने इनका हवाला देकर मंडल के सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि प्रतिनिधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। चुना हुआ प्रतिनिधि ही बैठकों और कार्रवाईयों में मौजूद रहेगा। अगर कोई प्रधान अपना प्रतिनिधि बैठकों और कार्रवाइयों में भेजता है तो संबंधित प्रधान को अगले प्रधानी चुनाव से वंचित किया जा सकता है।
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मंडल में 580 महिला प्रधान, पति या देवर प्रतिनिधि
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में 1408 ग्राम पंचायतें हैं। महिला प्रधानों की संख्या 580 (41 प्रतिशत) है। ज्यादातर महिला प्रधानों के पति, देवर या भाई सरकारी बैठकों/ कार्रवाईयों में भाग लेते हैं। या फिर इनका बनाया प्रतिनिधि भाग लेता है। प्रधानों के खुद उपस्थित न होने से अक्सर विकास की सही जानकारी नहीं मिल पाती।
प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर मिले तो होगी रिपोर्ट
उप निदेशक (पंचायत) ने डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों व बैठकों के अभिलेखों की बारीकी से जांच कराई जाए। अगर किसी सरकारी दस्तावेज में प्रधान की जगह प्रतिनिधि ने हस्ताक्षर किए गए हैं तो संबंधित प्रधान व हस्ताक्षर करने वाले प्रतिनिधि के विरुद्ध जालसाजी व धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।
एक सैकड़ा प्रधानों को भेजा जाएगा नोटिस
अपना प्रतिनिधि नामित कर इसकी लिखित सूचना जनपद के डीपीआरओ कार्यालय में भेजने वाले चित्रकूटधाम मंडल के लगभग एक सैकड़ा प्रधानों को नोटिस जारी करने की तैयारी है। उप निदेशक (पंचायत) ने बताया कि ऐसे प्रधानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक ने दोहराया कि इन प्रधानों पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन्हें प्रतिनिधि रखने या नियुक्त करने का अधिकार नहीं है।
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