अतर्रा। पित्रगण हमारे पूर्वज हैं। जिनका ऋण हमारे ऊपर है। पितर शुरू होने के एक दिन पहले कस्बे से गुजर रहे ज्योतिषाचार्य ने मैरिज हॉल में आयोजित बैठक में पितर के समय क्या करें, क्या न करें की जानकारी दी।
कानपुर के नौबस्ता निवासी ज्योतिषाचार्य डॉ. शिवदत्त तिवारी चित्रकूट से होकर कानपुर जाते समय एक मैरिज हाल में रुके थे। वहां उन्होंने पितर पक्ष की जानकारी दी। बताया कि मनुष्य लोक से ऊपर पितृलोक है। पितर लोक के ऊपर सूर्यलोक और इससे भी ऊपर स्वर्ग लोक है।
उन्होंने बताया कि आत्मा जब अपने शरीर को त्याग कर सबसे पहले ऊपर उठती है, तो वह पितृलोक में जाती है। उन्होंने पितर के समय विधि विधान से नियमित पूजा-पाठ के साथ पितरों का पानी देने से पितरों को शांति प्रदान होने की बात बताई।
इस मौके पर शक्तिपुंज धाम के मैनेजर अभिषेक द्विवेदी, छोटू, कुलदीप द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।