बांदा। कोतवाली में पुलिस द्वारा की गई कथित बदसलूकी से क्षुब्ध महिला द्वारा घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने से बैकफुट पर आई पुलिस ने आनन-फानन मृतका की बेटी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। इनमें तीन नामजद और एक महिला सहित 35 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। सभी पर हत्या के लिए अपहरण, आत्महत्या के लिए उकसाना और आपराधिक धमकी की धाराएं लगाईं गईं हैं।
शहर के मवई बाईपास की रहने वाली सुधा रैकवार 10 जुलाई को कोतवाली गई थी। उसका कहना था कि उसके बेटे को एक दर्जन से ज्यादा लोगाें ने आठ जुलाई को गायब कर दिया, लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी। आरोप है कि उल्टे सुधा को लॉकअप में बंद कर दिया और प्रताड़ित किया। आरोपी वहां पहले से मौजूद थे। कोतवाली से घर पहुंची क्षुब्ध होकर सुधा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या का वीडियो भी फेसबुक पर लाइव किया। सुधा की आत्महत्या के बाद मीडिया में छप रही खबरों और अन्य प्रतिक्रियाओं से बैकफुट पर आई शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार (11 जुलाई) को तड़के 1:22 बजे सुधा की बेटी रोशनी रैकवार की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली।
उधर, रविवार को सुधा के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, मृतका सुधा रैकवार की पुत्री रोशनी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोपी दीपक शुक्ला ने पहले ही अपनी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है।
इसमें सुधा और उसके पति प्रसाद रैकवार और पुत्र दीपक रैकवार पर धोखाधड़ी कर तीन लाख रुपये लेकर एफडी कराने और पैसा वापस मांगने पर खाते में पैसा होने के बावजूद चेक देने का आरोप लगाया है। यह रिपोर्ट 10 जुलाई को शाम दर्ज हुई है। पुलिस ने तीनों पर धारा 419, 420 और 406 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की है। विवेचना दरोगा गोपालजी दुबे को दी गई है।
आरोपियों के सामने लॉकअप में किया बंद
सुधा की बेटी रोशनी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया कि उसके भाई दीपक रैकवार को दीपक शुक्ला, विमल पाठक तिवारी और रविंद्र जैन सहित 10 अज्ञात लोगों ने 8 जुलाई को कहीं गायब कर दिया। 20-25 लोग घर आकर धमकी देते रहे। शिकायत करने उसकी मां सुधा 10 जुलाई को अपने भाई रामकरन के साथ शहर कोतवाली गई थी। वहां पुलिस ने उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया।
कोतवाली में दीपक शुक्ला, रविंद्र जैन व एक महिला ने सुधा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए बदसलूकी की। इससे आहत होकर मां ने घर आकर फांसी लगा ली। पुलिस ने उक्त तीनों आरोपियों, एक महिला तथा 30-35 अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दरोगा शिवपाल सिंह को जांच सौंपी गई है। सीओ सिटी राकेश कुमार सिंह और इंस्पेक्टर भास्कर मिश्रा ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही।
सपा की समिति आज करेगी जांच
पुलिस की कथित बदसलूकी से क्षुब्ध होकर घर में फांसी से आत्महत्या की घटना पर सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पार्टी के नेताओं की जांच समिति गठित की है। यह 12 जुलाई को मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट देगी।
जांच समिति में विधान परिषद सदस्य/सपा पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप, फतेहपुर पूर्व जिलाध्यक्ष दलजीत निषाद, इलाहाबाद सपा पूर्व महानगर अध्यक्ष पप्पू निषाद, बांदा पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, बांदा से पूर्व सपा प्रत्याशी हसन सिद्दीकी, जिलाध्यक्ष विजय करन यादव, पालिका अध्यक्ष मोहन साहू और पूर्व जिला पंचायत सदस्य/पूर्व प्रत्याशी दीपा सिंह गौर शामिल हैं।