बांदा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के आवासों का निर्माण पूरा न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिले के सभी आठों खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। शीघ्र आवास पूरे न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, लॉकडाउन के चलते इस वर्ष शासन ने आवासों का कोई लक्ष्य नहीं दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पिछले वर्ष 2019-20 में जिले को 8841 आवासों का लक्ष्य था। इसमें 7279 (82 फीसदी) ही निर्मित हुए। लाभार्थियों को द्वितीय व तृतीय किस्त न मिलने से 1571 आवास अधूरे पड़े हैं।
बबेरू ब्लाक में 652 में 62, बड़ोखर में 1206 में 184, बिसंडा में 1292 में 173, जसपुरा में 571 में 167, कमासिन में 922 में 155, महुआ में 1497 में 350, नरैनी में 1712 में 377 व तिंदवारी में 996 में 103 आवास अधूरे हैं।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 112 आवास का लक्ष्य था। सिर्फ 69 आवास (61 फीसदी) ही बनाए गए। बबेरू ब्लाक में 26 में 2, बड़ोखर में 4 में 1, बिसंडा में 16 में 7, जसपुरा में 14 में 12, कमासिन में 23 में 6, महुआ में 11 में 9, नरैनी में 2 में 2 व तिंदवारी में 16 में 4 आवास अधूरे हैं।
लाभार्थियों को पहली किस्त के बाद दूसरी और तीसरी नहीं मिली। मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि जल्द आवासों का निर्माण पूरा नहीं किया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।