बांदा। 12 से 14 वर्ष के किशोर-किशोरियों का रुझान होली की पिचकारी से खत्म होकर अब कोरोना वैक्सीन की सुई की तरफ बढ़ेगा। फिलहाल 14 मार्च से अभियान की शुरूआत होते ही होली का त्योहार वैक्सीनेशन के जोश में आड़े आ गया। शायद यही वजह रही कि अब तक लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 6 फीसदी ही टीकाकरण हुआ है। किशोर-किशोरियां टीकाकरण के प्रति उत्साहित नजर आ रहे हैं।
शहर के कटरा की सोनालिका अपनी बुआ मीरा के साथ केंद्र टीकाकरण आईं, आधार कार्ड दिया। स्वास्थ्य कर्मी ने अपने मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर दिया। इंजेक्शन देखकर डरी सोनालिका अपनी बुआ का हाथ पकड़कर उनसे लिपट गई। फिर वैक्सीन की पहली डोज लगवाई।
वैक्सीन लगने के बाद सोनालिका बोली- सुई से वह बहुत डरती है। 2-3 दिन से टीका लगवाने को टाल रही थी, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए इसे लगवाना जरूरी समझा। इसलिए उसने डर को खत्म किया और वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पताल आ गई। अलीगंज की उमरा फारुकी सहित इस उम्र के अन्य किशोर-किशोरी भी टीका लगवाने के प्रति उत्साहित नजर आए। डर को दरकिनार कर वैक्सीन लगवाई। ज्यादातर अपने मित्र/सहेलियों के साथ टीका लगवाने पहुंचे।
उधर, इस वर्ग में वैक्सीनेशन की हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। जनपद में 72,223 किशोर-किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य है। लेकिन अब तक सिर्फ 4500 का ही वैक्सीनेशन हुआ। सीएमओ डा.एके श्रीवास्तव का कहना है कि होली की छुट्टी और पल्स पोलियो अभियान की वजह से वैक्सीनेशन की स्थिति कमजोर है। लक्ष्य हासिल करने के लिए जल्द जोरशोर से अभियान चलाया जाएगा।
वैक्सीन लगी तो डर खत्म
हाईस्कूल का छात्र विवेक यादव (धीरज नगर) अपने दोस्त को लेकर टीका लगवाने पहुंचा। वैक्सीन की पहली डोज लगने पर बेहद खुश था। बोला- कोरोना की दूसरी लहर में उसने बहुत से जानने-पहचानने वालों को दुनिया छोड़ते देखी। अब वैक्सीन लगने के बाद कोरोना का डर खत्म हो गया है। अन्य मित्रों को भी बगैर डरे वैक्सीन लगवाने को कहा है।
टीका लगने पर कोरोना से सुरक्षा होगी
10वीं का छात्र आकाश कुमार (कालूकुआं) उत्साह के साथ अकेले ही टीका लगवाने पहुंचा। बिना डरे सीधे कुर्सी में बैठ गया और टीका लगवाने के लिए अपनी बांह ऊपर चढ़ा ली। वैक्सीन की पहली डोज लगने के बाद उसने फायदा बताना शुरू कर दिया। कहा कि टीका लगने से कोरोना से सुरक्षा होगी। मन में कोरोना का खौफ नहीं रहेगा।
विवेक यादव।- फोटो : BANDA
आकाश कुमार- फोटो : BANDA