picketing at commissioner's residence on mafia's excesses
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बांदा। महोबा जनपद के सिंघनपुर बघाटी गांव में पहाड़ के अवैध खनन और किसानों के साथ दबंग खनन माफियाओं की ज्यादती के विरोध में आठ दिसंबर से मंडल मुख्यालय में अनशन पर बैठे बुंदेलखंड किसान यूनियन के नेता सोमवार को सड़कों पर उतर आए। मंडलायुक्त आवास घेरने के लिए अनशन स्थल से कूच किया। रास्ते में पुलिस ने रोका तो नोंकझोंक और झड़प हो गई। इसके बाद आयुक्त आवास के बाहर धरना दिया। अंतत: आयुक्त ने बांदा के अधिकारियों की जांच टीम गठित कर दी।
यूनियन राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में किसानों का धरना लगातार चल रहा है। पूर्व घोषणा के मुताबिक सोमवार को दोपहर बाद बड़ी संख्या में किसानों का हुजूम महोबा प्रशासन के विरोध में नारे लगाता हुआ आयुक्त आवास पहुंचा। काफी तादाद में महिला किसान भी थीं। आयुक्त आवास और कार्यालय में पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गेट बंद कर दिए गए। क्षेत्राधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट से किसान नेताओं की झड़प भी हुई। किसान नेता आयुक्त आवास के बाहर गेट पर धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद पांच किसानों का प्रतिनिधि मंडल आयुक्त दिनेश कुमार सिंह से मिला। आयुक्त ने एडीएम बांदा को सिंघनपुर बघाटी गांव के प्रकरण की जांच के आदेश दिए।
उधर, पुलिस महानिरीक्षक के.सत्यनारायणा ने बांदा क्षेत्राधिकारी को इस जांच टीम में शामिल किया है। महोबा के अधिकारी इसकी जांच नहीं करेंगे। इसी के बाद शाम को किसानों का धरना समाप्त हुआ लेकिन अशोक लाट पर अनशन जारी है। उनका कहना है कि कार्रवाई अमल में आने के बाद ही अनशन खत्म करेंगे। देवीदीन राजपूत और राजेश कुमारी यादव (महोबा), राजकुमारी, ममता मिश्रा, जानकी राजपूत, देवकीनंदन, ननकू फौजी, शिवसागर यादव, मुकेश सिंह, झल्ला तिवारी आदि शामिल रहे।