बांदा। जसपुरा ब्लाक के सिंधन कलां गांव में छह ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) योजना का लाभ दे दिया गया जिनके परिवार के सदस्यों को पहले भी आवास मिल चुके हैं। पीडी की जांच में सच सामने आने के बाद डीडीओ को पंचायत सचिव के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई और धनराशि की वसूली करने की संस्तुति की है।
शिकायत पर डीएम अनुराग पटेल ने परियोजना निदेशक हुब लाल से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के अनुसार विनोद पुत्र रामसुफल को 2007-08 में इंदिरा आवास दिया गया था। विनोद को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दे दिया गया। इसी प्रकार मलेदिया पुत्री फुलुवा को प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त मिली है। मलेदिया के पति और पिता को भी मिल चुके हैं। केशरबाई पत्नी अलका को दोबारा आवास दे दिया गया। इसी गांव की शाहजहां पत्नी नजीर खां, नूरे आलम पुत्र बाबू खां, शबनम पत्नी नसीर खां को पक्का मकान होने के बाद भी आवास का लाभ दिया गया। इनके खाते में दो किस्तें भी जा चुकी हैं।
पीडी ने डीएम और प्रभारी डीपीआरओ/डीडीओ को संबंधित गांव की पंचायत सचिव पूजा सिंह के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई करने और धनराशि की वसूली करने की संस्तुति की है। प्रभारी डीपीआरओ/डीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी का कहना है कि पीडी के पत्र की उन्हें जानकारी नहीं है। अपात्रों को आवास आवंटित किए गए हैं तो पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वीडीओ के निलंबन के बाद प्रधान को नोटिस
कनवारा गोशाला में हुई थी छह गोवंश की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। कनवारा गोशाला में छह पशुओं की मौत की पुष्टि पर सचिव के निलंबन के बाद अब प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अमर उजाला में 16 दिसंबर को छपी खबर में 10 गोवंश के मरने की बात कही गई थी।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर सुधीर सिंह ने जांच कर सोमवार को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें कहा कि गोशाला के पीछे नदी की तरफ पांच व बाएं एक पशु मृत मिला।
एसडीएम ने इस लापरवाही के लिए ग्राम विकास अधिकारी रश्मि मिश्रा सहित प्रधान को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। मंगलवार की देर शाम सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य ने सचिव को निलंबित कर दिया। बुधवार को इसी मामले में ग्राम प्रधान आशीष कुमार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। अन्यथा की दशा में अपके विरुद्ध उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 95 (1) (जी) के तहत कार्रवाई करते हुए वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे।