If children are harmed in a vehicle accident, then the manager will get Rasuka installed on the preacher
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बांदा। परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों पर शिकंजा कस दिया है। अब स्कूल वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर बच्चे के घायल या मृत्यु होने पर प्रबंधक/प्राचार्यों पर रासुका की संस्तुति की जाएगी। स्कूलों वाहनों को मानक के अनुरूप बनाने के लिए 226 वाहन स्वामियों को नोटिस भेज दिए गए हैं। उन्हें इसी माह वाहनों को मानकों पर फिट करके परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिखाने होंगे। विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को यातायात नियम बताकर उनका पालन के लिए प्रेरित भी किया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रशासन शंकरजीत सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधक/प्राचार्यों को जारी नोटिस में हाईकोर्ट के आदेश और मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों का हवाला देकर कहा गया है कि अपने स्कूल के वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार कराएं और इसी माह चेकलिस्ट के साथ निरीक्षण के लिए परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। वरना यह माना जाएगा कि उनके वाहन मानक के अनुरूप नहीं हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया जाएगा।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि स्कूल वाहन से हुई दुर्घटना में किसी बच्चे/विद्यार्थी की मृत्यु हुई या घायल हुआ तो इसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधक/प्राचार्य पर सुनिश्चित करते हुए उन पर रासुका लगाने के लिए डीएम/एसपी को संस्तुति की जाएगी।
बच्चे हेलमेट के लिए करेंगे टोका टाकी
विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल में मंगलवार को सड़क सुरक्षा जागरुकता गोष्ठी में एआरटीओ शंकरजीत सिंह ने छात्र-छात्राओं से कहा कि 18 वर्ष की उम्र पूरी कर लेने और ड्राइविंग लाइसेंस बन जाने पर ही वाहन चलाएं। उन्होंने सभी बच्चों को शपथ दिलाई कि अपने परिजनों और मित्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट पहनकर वाहन चलाने की प्रेरणा देंगे। इसके लिए टोका-टाकी भी करेंगे। बुकलेट, कलेंडर बांटा और शपथ दिलाई। स्कूल प्रशासन को विद्यालय वाहन समिति गठित करने के निर्देश दिए। स्कूल डायरेक्टर पूर्णाशिष रथ, प्रधानाचार्य डा.संगीता लमगोरा और प्रशिक्षक डा.पीयूष मिश्रा आदि उपस्थित रहे।