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पांच अरब की दरकार, मिले सिर्फ 1.40 करोड़

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बांदा। घर में नहीं दाने, अम्मा चलीं भुनाने। बुंदेलखंड में प्रदेश सरकार का गड्ढा मुक्त सड़क अभियान कुछ ऐसा ही है। यहां पांच जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और जालौन में 2308 किमी लंबी 725 सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना है।
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पीडब्ल्यूडी ने इनकी सूची तैयार कर ली है,। लेकिन अभियान शुरू हुए 6 दिन बीत गए और शासन से अभियान के लिए लागत का एक फीसदी भी बजट नहीं मिला। कार्यदायी संस्थाओं के एस्टीमेट के मुताबिक, लगभग पांच अरब चार करोड़ 76 लाख रुपये लागत आएगी।
शासन से अब तक सिर्फ दो जनपदों को मात्र एक करोड़ 44 लाख रुपये मिले हैं। यह कुल एस्टीमेट का आधा फीसदी भी नहीं है। बांदा जिले को मात्र 52 लाख और हमीरपुर जिले को 92 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। अन्य जनपदों में अब तक बजट जारी नहीं हुआ है।
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गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ने 15 सितंबर से 15 नवंबर तक अभियान चलाकर प्रदेश की सभी शहरी व ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन बजट के अभाव में कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी सांसत में हैं।
एक तरफ मुख्यमंत्री के फरमान को पूरा करना और दूसरी तरफ बिना पैसे के काम कराना। कुछ कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी तो अपनी शामत बचाने के लिए बगैर बजट ही टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनका कहना है कि बजट आने पर भुगतान कर दिया जाएगा।
बुंदेलखंड में गड्ढामुक्त अभियान की सड़कें और उनकी लंबाई (किमी में) तथा लागत व जारी हुआ बजट (करोड़ रुपये में)
जनपद सड़कें लंबाई लागत मिला बजट
बांदा 308 515 5 0.52
चित्रकूट 73 286 499.54 00
हमीरपुर - 44 - 0.92
महोबा 57 171 0.22 00
जालौन 287 890 6.50 00
योग- 725 2308 504.76 1.44
बोले अभियंता---
प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सुमंत कुमार ने कहा कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए टेंडर करा दिए गए हैं। ठेकेदार काम शुरू कर देंगे। जैसे-जैसे पैसा आएगा। भुगतान होता जाएगा।
उधर, निर्माण खंड-1 के सहायक अभियंता रामराजा और निर्माण खंड-2 के सहायक अभियंता विनय कुमार का कहना है कि अभी शासन से कोई बजट नहीं मिला है। सड़कों की सूची तैयार कर ली गई। टेंडर कराए जा रहे हैं। काम जल्द शुरू होगा।
गड्ढायुक्त सड़कों की सूची तैयार
बांदा जिले में सड़कों का निर्माण और मरम्मत की मुख्य कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर यहां पीडब्ल्यूडी की तीनों इकाइयों प्रांतीय खंड, निर्माण खंड एक और निर्माण खंड दो ने गड्ढायुक्त सड़कों की सूची तैयार कर ली है।
इनकी कुल लंबाई 515.805 किलोमीटर है। तीनों इकाइयों ने जो एस्टीमेट तैयार किया है, उसके मुताबिक करीब पांच करोड़ रुपये की जरूरत है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड (बांदा) : गड्ढा युक्त कुल 65 सड़कें चिह्नित की हैं। इनकी लंबाई 192 किमी है। इनमें ज्यादातर सड़कें बबेरू विधान सभा क्षेत्र की हैं। यहां करीब दो करोड़ रुपये चाहिए। खंड को मात्र 52 लाख रुपये मिले है। डेढ़ करोड़ रुपये और की दरकार है।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-1 (बांदा) : कुल 224 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने की तैयारी है। इसमें 38 किमी का एक राजमार्ग, 86 किमी के 45 जिला मार्ग और 100 किमी के 95 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। इनके लिए कुल 1.45 करोड़ की जरूरत है। फिलहाल फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 (बांदा) : इस यूनिट को कुल 93.805 किमी लंबी 102 सड़कों को गड्ढा मुक्त करना है। इनमें एक राजमार्ग, छह जिला मार्ग, 35 ग्रामीण मार्ग और तिंदवारी व बड़ोखर खुर्द ब्लॉकों की 30-30 किमी सड़कें शामिल हैं। यहां लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब तक इस मद में ढेला नहीं मिला।
बांदा में पीडब्ल्यूडी की सड़कें
1. कुल गड्ढायुक्त सड़कें- 308
2. लंबाई- 515.805 किमी
3. बजट की जरूरत- 5 करोड़ रुपये
4. उपलब्ध धन- 52 लाख रुपये
5. जरूरत- 4.50 करोड़ रुपये
पूर्व में गड्ढों से ज्यादा जेबें भरीं
सड़कों का गड्ढा मुक्त करने का अभियान पहली बार नहीं है। पहले भी यह अभियान चलाए जा चुके हैं, लेकिन सड़कों से ज्यादा फाइलों में यह प्रभावी रहे। पूर्व के अभियानों में भी पर्याप्त बजट का रोना रहा। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों ने भी गड्ढोें से ज्यादा अपनी जेबें भरीं।
वाहन और जिस्म दोनों को नुकसान
सड़कों के गड्ढे राहगीरों को दोहरी मार दे रहे हैं। गड्ढों के धक्कों और हिचकोलों से वाहन और जिस्म दोनों को ही नुकसान पहुंच रहा है। छोटे वाहन इन गड्ढों में फंस जाते हैं। ट्रक आदि के गुल्ले तक टूट जाते हैं।
गड्ढे जानलेवा भी हैं। इनकी वजह से एंबुलेंस रफ्तार नहीं पकड़ पाती और अक्सर मरीज रास्ते में ही चल बसते हैं। उधर, हिचकोलों से वाहन सवारों की कमर और रीढ़ में दर्द, डिस्क स्लिप, गर्दन में तनाव जैसी परेशानियां पैदा हो रही हैं।
सर्वे पूरा, पर नहीं मिला कोई बजट
चित्रकूट। शहर समेत गांवों की कई प्रमुख सड़कों में गड्ढे हैं। कई स्थानों पर तो सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। पीडब्ल्यूडी ने गड्ढा मुक्ति करने के लिए सर्वे करा लिया है।
अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि गड्ढामुक्त सड़क बनाने को कुल मार्ग 286.43 किमी हैं, जिसमें 105.79 किमी की सड़क का जीर्णोद्धार कराया जाना है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधीन 341 सड़कें हैं, जिनकी लंबाई 766.82 किमी हैं।
फिलहाल अभी तक इसके लिए कोई बजट नहीं आया और न ही कहीं कोई काम शुरू हुआ है। कुछ आंशिक स्थानों पर अन्य मद के बजट से गड्ढों को बराबर किया जा रहा है।
रविवार को प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर सांसद आरके सिंह पटेल व मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला ने बताया था कि टूटी व अधूरी सड़कों पर बारिश थमते ही काम शुरू होने की बात कही थी।
2021-22 में नवनिर्माण सड़क के प्रस्तावित कार्य 73 हैं। जिसमें 115.40 किमी की सड़क का काम 499.54 करोड़ की लागत से कराया जाएगा। फिलहाल जिले की अधूरी व गड्ढायुक्त सड़कों का काम अधूरा ही पड़ा है।
22 लाख से गड्ढामुक्त होंगी जिले की सड़कें
महोबा। जिले में सुगम आवागमन के लिए सड़कों को दुरुस्त करने के लिए गड्ढामुक्त अभियान चलाया जा रहा है। बारिश के बाद जिले की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों के गड्ढों का भरने का कार्य पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दिया है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता विपिन कुमार ने बताया कि गड्ढामुक्त अभियान के लिए शासन द्वारा 22 लाख रुपये का बजट प्राप्त हो गया, जिसमें 57 सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा।
इन 57 सड़कों की कुल लंबाई 171 किमी है। सड़कों में पैचवर्क का कार्य शुरू कर दिया गया है। नवंबर तक सभी सड़कों गड्ढा मुक्त किया जाएगा।
446 किमी टूटी सड़कों की होगी मरम्मत
हमीरपुर। शासन ने पिछले बुधवार से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आगामी 15 अक्तूबर तक पूरा करना है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता एमएल वर्मा ने बताया कि जिले की कुल 446 किमी सड़कें गड्ढा मुक्त की जानी हैं।
मरम्मत के लिए 92 लाख रुपये जारी किए हैं। जिसमें लोनिवि (प्रांतीय खंड) 224 किमी व लोनिवि (निर्माणखंड-दो) को 222 किमी सड़कें गड्ढा मुक्त बनानी हैं। बताया कि प्रांतीय खंड को 50 लाख 20 हजार और निर्माण खंड-दो को 41 लाख 70 हजार की धनराशि जारी कर दी है।
फिलहाल जिले में बारिश की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है। मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इनमें स्टेट हाईवे, ग्रामीण सड़कें व आरईएस की सड़कें शामिल हैं।
287 सड़कों को गड्ढामुक्त करेगा पीडब्लूडी
उरई (जालौन)। पीडब्ल्यूडी ने एक बार फिर से सड़कों का कायाकल्प करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए जिले भर की हादसों को दावत देने वाली सड़कों को चिह्नित किया गया है।
हालांकि, इसके बाद भी कई सड़कें ऐसी रह जाएंगी, जिन पर सालों से गिट्टी डामर नहीं पड़ा है। पीडब्लूडी अधिकारियों ने बताया कि जिले की 287 सड़कों को गड्ढामुक्त अभियान में शामिल किया गया है। इनमें बीहड़ क्षेत्र की सड़कों की संख्या अधिक है। इन सड़कों की लंबाई करीब 890 किमी के आसपास होगी।
इसके लिए साढ़े छह करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। बजट मिलते ही सड़कों की सूरत बदलने का काम शुरू करा दिया जाएगा। इन सड़कों के अलावा कुछ सड़कें मरम्मत कार्य के लिए भी अलग से चिह्नित की गई हैं। इनमें मामूली रूप से ही रखरखाव का काम होना है।
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