बबेरू। बिजली कटौती से जिलेभर में हाहाकार मचा है। बिजली और पानी की समस्या को लेकर सपा विधायक विशंभर सिंह यादव ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरभि शर्मा को मंगलवार को सौंपा। कहा कि सुधार न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
बताया कि दिन में सिर्फ पांच घंटे ही बिजली आती है, जबकि सरकार 20 घंटे का दावा कर रही है। जलापूर्ति ठप है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। विधायक ने कहा कि बिजली-पानी की आपूर्ति ठीक नहीं होगी तो बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा। इस दौरान इंद्रजीत यादव, जिला पंचायत सदस्य ओमनारायण त्रिपाठी, अखिलेश पाल, रामभवन चंद्रवंशी, चंद्रशेखर यादव, अखिलेश यादव, अनूप गुप्ता, विजय शंकर द्विवेदी, विनोद, अतुल, अखिलेश आदि मौजूद रहे।
फोन नहीं उठा रहे अफसर
बेंदाघाट। विद्युत सब स्टेशन जौहरपुर से जुड़े गांव बेंदा, जौहरपुर, अमलीकौर, माचा, गौरा, छापर समेत कई गांवों की लगभग 30 हजार की आबादी कटौती से बेहाल है। ताबड़तोड़ फाल्ट हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अवर अभियंता राहुल सिंह व एसडीओ देवव्रत यादव फोन नहीं उठाते हैं। यदि विभाग व जनप्रतिनिधियों का यही व्यवहार रहा तो वह सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में फाल्टों से स्थिति बदतर
अतर्रा। फाल्टों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बदतर हो गई है। दिन में छह घंटे से ज्यादा फाल्ट और ट्रिपिंग के नाम पर बिजली गुल रहने से आमजनमानस बुरी तरह बेहाल है। बिना बिजली के बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ गया है। समाजसेवी राकेश गौतम, ब्रह्मदत्त पांडेय, राजेश द्विवेदी, अशोक पांडेय, आदि ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।
मिट्टी का तेल नहीं मिलता, अंधेरे में रहते ग्रामीण
ओरन। ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्रामीण मोहन कुशवाहा, ओम यादव, संजय कुशवाहा, करन कोरी, रामबहोरी ने बताया कि पहले राशन में मिट्टी का तेल मिल जाता था। इससे दीपक जलाकर रात में खाना बन जाता था। अब मिट्टी का तेल न मिलने से घरों में दीपक भी नहीं जल पाते। व्यापार मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार, रमाकांत त्रिपाठी, श्रीकांत, वैदहीशरण, रफीक खां, राजेश शिवहरे, अफरीदी गुप्ता आदि न बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।