बांदा। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का धरना शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मी सात सूत्री मांगों पर आंदोलनरत हैं।
सीएमओ कार्यालय परिसर में चल रहे धरने में संघ जिलाध्यक्ष डॉ. मिलेंद्र सिंह और मंडल महामंत्री पंकज नामदेव तथा शोभित गुप्ता आदि ने कहा कि प्रदेश में एक लाख एनएचएम संविदा कर्मी और करीब दो लाख आशा अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन पर हैं। उनसे राजकीय अवकाश और साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी काम लिया जा रहा है।
कोरोना में पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी दी। संघ के प्रतिनिधि मंडल से शासन स्तर पर कई बार बात हुई। मांगों पर सहमति भी बनी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 30 नवंबर से पूरे प्रदेश में बेमियादी हड़ताल और धरना चल रहा है। अभी आकस्मिक सेवाएं हड़ताल में शामिल नहीं हैं। मांगों में असृजित पदों का विभाग में सृजन, वेतन पालिसी व विसंगति, सातवें वेतन आयोग का लाभ, जॉब सेक्योरिटी, रिक्त पदों पर गैर जनपद तबादला, आउट सोर्स नीति, बीमा पालिसी, आशा बहुओं का नियत मानदेय आदि के मुद्दे शामिल हैं।
धरने में लवलेश यादव, प्रमोद सिंह, डॉ. अर्चना भारतीय, विनोद जैन, डॉ. एमडी शरीफ सहित सुमित्रा, विनोद तिवारी, चंपा, कीर्ति, मुन्नी, नीतू, सुनीता, आशा, जहीरुन्निशां, शशि, प्रमोद द्विवेदी, नौशाद खां इत्यादि शामिल रहे।