फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपडेट के नाम पर डेढ़ लाख उड़ाए

विज्ञापन
One and a half lakh blown in the name of update - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। साइबर क्राइम की दो अलग-अलग घटनाओं में 1,51,000 रुपये ठग लिए गए। ठगी केवाईसी अपडेट करने के नाम पर हुई थी। चित्रकूटधाम मंडल साइबर क्राइम पुलिस ने दोनों घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक खाताधारक का पूरा 33,000 और दूसरे की 1,18,000 में 43,609 रुपये की वापसी करा दी है।
विज्ञापन

शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा ने दोनों खाताधारकों को पैसा वापसी के प्रमाणपत्र सौंपे। बांदा राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉ. रवि प्रताप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छह सितंबर को केवाईसी अपडेट करने के नाम पर आई कॉल में उनका आईडी और पासवर्ड पूछने के बाद एसबीआई खाते से 1,18,000 रुपये निकाल लिए गए।
इसी तरह दूसरी घटना में मर्दन नाका निवासी सलमान खां को भी साइबर अपराधियों ने झांसा देकर दो बार में 33,000 रुपये निकाल लिए। साइबर क्राइम मंडलीय थाने की टीम जांच पड़ताल करते हुए ठगों के संपर्क तक पहुंच गई। साथ ही अपनी तकनीक के जरिए दोनों खाताधारकों के खातों में पैसा वापस कराया।
विज्ञापन

सलमान के खाते में पूरा 33000 और डॉ. रवि के खाते में 43,609 रुपये वापस कराए। आईजी के. सत्यनारायणा ने दोनों खाताधारकों को बैंक में पैसा वापस आने का प्रमाण पत्र सौंपा।
साथ ही साइबर क्राइम टीम के प्रभारी निरीक्षक मो. फहीम अख्तर, एसआई सुषमा चौधरी, हेड कांस्टेबल महितोष मिश्र, कंप्यूटर आपरेटर सौरभ कुमार, महिला कांस्टेबल प्रीति पटेल और दिनेश पटेल को शाबासी दी।
अनजान लिंक न खोलें
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक मो. फहीम अख्तर ने बैंक खाताधारकों को सलाह दी कि उनके मोबाइल फोन पर आने वाली अनजान लिंक को न खोलें।
अगर गलती से खोल लेते हैं तो खुलने वाले पेज पर अपनी कोई व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, पिन कोड, फोन पे, गूगल पे, भीम एप आदि की जानकारी न डालें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें