बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र के अछरौड़ गांव के ग्रामीणों और मजदूरों ने वहां केन नदी में पट्टा धारक ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे बालू खनन को क्लीनचिट देते हुए कहा है कि इससे गांव के तमाम लोगाें की रोजी रोटी चल रही है। कोटेदार व कुछ अन्य लोगों ने गुमराह करके शिकायती पत्र में उनसे हस्ताक्षर करा लिए।
बुधवार को ग्राम प्रधान रज्जन सहित लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों और पूर्व प्रधान कृष्ण देव आदि ने मंडलायुक्त और डीएम को संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट और एएसपी को सौंपा। उसमें कहा गया कि कुछ लोगों ने गांव में आवास और राशन के नाम पर बांदा मुख्यालय लाकर कागजों में हस्ताक्षर करा लिए और आयुक्त कार्यालय मेें दे दिए।
अगले दिन पता चला कि यह कागज कालोनी व राशन का नहीें बल्कि अछरौड़ बालू पट्टाधारक के खिलाफ है। गांव वालों ने दलील दी कि यह पट्टा हाल ही मेें 19 दिसंबर को शुरू हुआ है। गांव के लोगों को इससे रोजी रोटी मिली है। उन्हें मजदूरी के लिए पलायन नहीं करना पड़ रहा है।
झूठी शिकायत करने वाले खुद बालू का अवैध खनन कराते हैं। ज्ञापन देने वालों में सुशील कुमार द्विवेदी, सरदार, अरविंद, कृष्ण देव पांडेय, राज कुमार, लखऊ, गोपाल, श्रीकांत, बउआ पांडेय आदि शामिल हैं। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व प्रधान सहित कई लोगों ने अवैध खनन की शिकायत की थी।