बांदा। बच्चों की नींव मजबूत करने की कमान अब अफसर संभालेंगे। डीएम की पहल पर परिषदीय स्कूलों में प्रशासन पोषण पाठन अभियान शुरू होगा। सप्ताह में एक दिन अफसर स्कूलों में जाकर दो घंटे बच्चों को पढ़ाएंगे और उनका बौद्धिक स्तर परखेंगे। इस कार्य के लिए जिले के 101 अधिकारियों को नामित कर एक-एक विद्यालय गोद दिया गया है।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए डीएम अनुराग पटेल गंभीर हैं। पिछले दिनों स्कूलों के निरीक्षण में उन्होंने खुद बच्चों की योग्यता परखी थी। उन्हें तमाम खामियां मिली थीं। स्कूलों का शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए अब उन्होंने अफसरों को लगाया है।
अधिकारी अपने गोद/आवंटित विद्यालयों में सप्ताह में बुधवार/शनिवार में से कोई एक दिन जाएंगे और कम से कम 2 घंटे छात्र-छात्राओं को पढ़ाएंगे। डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल पुष्टाहार) को इस कार्य के नियमित अनुश्रवण को कहा है। निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक माह इसकी समीक्षा की जाएगी।
पढ़ाने के साथ पोषण भी देखेंगे अफसर
स्कूलों में पढ़ाने के साथ-साथ अफसर बुधवार या शनिवार को अपने सामने बाल पुष्टाहार विभाग द्वारा गर्भवती, माताओं, किशोरियों तथा 5 वर्ष तक के बच्चों को सरकार द्वारा दी जा रही पोषण सामग्री का वितरण, बच्चों, लाभार्थियों के खून की जांच तथा आयरन की गोलियों का वितरण विद्यालय में पढ़ाने से पूर्व किया जाएगा।
ये अधिकारी किए गए नामित
स्कूलों में पढ़ाने और पोषण की देखरेख के लिए डीएम अनुराग पटेल (प्रा.वि.डिगंवाही), एडीएम संतोष बहादुर सिंह (कंपोजिट महोखर-1), एडीएम (नमामि गंगे) एमपी सिंह (कंपोजिट पल्हरी), नगर मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्ता (कंपोजिट किलेदार का पुरवा), एसडीएम सुधीर कुमार (उ.प्रा.वि., दुरेड़ी), एसडीएम अतर्रा सौरभ शुक्ला (कंपोजिट अवस्थी आश्रम, नरैनी), एसडीएम, बबेरू वंदिता श्रीवास्तव (कंपोजिट औगासी, बबेरू), डिप्टी कलेक्टर सौरभ यादव (कंपोजिट भरखरी), डिप्टी कलेक्टर सुरजीत सिंह (कंपोजिट रेऊना), डिप्टी कलेक्टर राम कुमार (कंपोजिट चिल्ली), एसडीएम पैलानी महेंद्र प्रताप (कंपोजिट मड़ौली कलां, जसपुरा), एसडीएम नरैनी अवधेश कुमार निगम (कंपोजिट पिपहरी, नरैनी) समेत तहसीलदार, कई विभागों के कुल 101 अधिकारियों को स्कूल गोद दिए गए हैं।
डीएम का पत्र मिला है। विद्यालयों के नामित अधिकारियों से बात कर दिन निर्धारित किए जा रहे हैं। अफसर बुधवार या शनिवार में से किसी भी एक दिन गोद लिए विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे। साथ ही बच्चों और महिलाओं के पोषण आदि की भी व्यवस्थाएं देखेंगे।-रामपाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा।