बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सरकारी विभागों ने पावर कार्पोरेशन को 1.37 अरब के करंट का झटका दिया है। चारों जिलों में कई विभागों ने मनमानी बिजली खर्च करके बिल अदायगी में हाथ खड़े कर दिए हैं। आम उपभोक्ता के 10 हजार से अधिक बकाया हो जाने पर बिजली काट देने और एक लाख से बड़े बकाएदारों की आरसी जारी कर देने में माहिर पावर कार्पोरेशन 54 करोड़ से भी अधिक के बकाएदारों की बिजली नहीं काट पा रहा है।
मंडल के चारों जिलों में बिजली से रोशन और एयरकंडीशन से ठंडे हो रहे सरकारी कार्यालय भवन बिजली बिल अदायगी नहीं कर पा रहे। ज्यादातर का रटा-रटाया जवाब होता है कि बजट नहीं है। मंडल में सरकारी विभागों के बिजली बकाए की ताजा स्थिति काफी चौंकाने वाली है।
अगस्त तक इन विभागों के ऊपर बिजली का एक अरब 37 करोड़ 28 लाख 77 हजार रुपये बकाया है। ये सभी बिल विभागों को स्थानीय स्तर पर अदा करने हैं। अदायगी न होने और बिजली लगातार इस्तेमाल करने से बकाया राशि बढ़ती जा रही है। चारों जिलों में करीब डेढ़ दर्जन विभागों पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की बकाएदारी है। कुछ विभाग तो 50 करोड़ का आंकड़ा लांघ चुके हैं।
बिना बिल अदा किए रोशन हो रहे स्कूल
बच्चों को शिक्षा देकर शिक्षित बनाने वाला बेसिक शिक्षा विभाग चित्रकूटधाम मंडल में बिजली का सबसे बड़ा बकाएदार है। बगैर बिल दिए स्कूल रोशन हो रहे हैं। चारों जिलों में बेसिक शिक्षा विभाग पर 54 करोड़ 74 लाख रुपये बाकी हैं। सबसे बड़ा बकाएदार हमीरपुर का शिक्षा विभाग है। यहां 20 करोड़ 86 लाख बिल बाकी है। पूरे मंडल में यह सबसे बड़ी बकाएदारी है। दूसरे नंबर पर बांदा है जहां बेसिक शिक्षा विभाग बिजली के 13 करोड़ 6 लाख रुपये दाबे बैठा है। महोबा में 11 करोड़ 23 लाख का बिजली बिल बेसिक शिक्षा विभाग ने अदा नहीं किया है।
जल निगम पर 47.40 करोड़ बकाया
मंडल में बड़े बिजली बकाएदारों की सूची में जल निगम भी है। चारों जिलों में 47 करोड़ 40 लाख रुपये जल निगम ने जमा नहीं किया है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग 11 करोड़ 20 लाख बिजली का बिल नहीं दे पा रहा।
मंडल में एक करोड़ से ज्यादा के बकाएदार विभाग
बांदा : बेसिक शिक्षा-13 करोड़ 6 लाख 30 हजार। पीडब्ल्यूडी- 4 करोड़ 37 लाख 71 हजार। नगर पंचायत- 2 करोड़ 26 लाख 55 हजार। पुलिस विभाग- 2 करोड़ 19 लाख 4 हजार। मंडी समिति- एक करोड़ 68 लाख 75 हजार। सहकारिता- एक करोड़ 78 लाख 56 हजार। स्वास्थ्य- एक करोड़ 71 लाख 14 हजार।
चित्रकूट : जल निगम- 20 करोड़ 43 लाख 48 हजार। बेसिक शिक्षा- 9 करोड़ 59 लाख 61 हजार। डीपीआरओ- एक करोड़ 69 लाख 52 हजार।
हमीरपुर : बेसिक शिक्षा- 20 करोड़ 86 लाख 20 हजार। पीडब्ल्यूडी- 4 करोड़ 7 लाख 46 हजार।
महोबा : जल निगम- 26 करोड़ 97 लाख 11 हजार। बेसिक शिक्षा- 11 करोड़ 23 लाख 72 हजार। डीपीआरओ- 3 करोड़ 12 लाख 3 हजार
स्वास्थ्य- एक करोड़ 61 लाख 86 हजार।
चित्रकूटधाम मंडल में राजस्व वसूली की स्थिति बहुत खराब है। वसूली बमुश्किल 30 फीसदी हो पा रही है, जबकि बिजली भरपूर दी जा रही है। राजस्व प्राप्त न होने से पावर कारपोरेशन को कठिनतम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। कारपोरेशन की आर्थिक हालत पर काफी दबाव पड़ रहा है। बकाएदारों में सरकारी, गैरसरकारी दोनों ही उपभोक्ता हैं।-बसंत कुमार झा, मुख्य अभियंता (वितरण), चित्रकूटधाम मंडल पावर कार्पोरेशन, बांदा।