नोटबंदी ने एक और किसान की जान ले ली। अब नोटबंदी से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। ताजी घटना में तहसील क्षेत्र के लहुरेटा गांव निवासी जमालुद्दीन (58) पुत्र रज्जब शुक्रवार को इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की जमवारा गांव स्थित शाखा में रुपये निकालने गया था।
देर तक लाइन में खड़ा रहने के बाद उसका नंबर नहीं आया तो बैंक मैनेजर से अपने पुत्र निजामुद्दीन के खाते में आरटीजीएस से पैसा ट्रांसफर करने को कहा, लेकिन रुपये ट्रांसफर नहीं हुए। वह मायूस होकर घर लौट आया। घर वालों का कहना है कि इसी तनाव में देर रात दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। मृतक के नाम नौ बीघा जमीन है।
पांच बीघा बुवाई को पड़ी है। सूखा राहत का 10,500 रुपये उसके खाते में भेजे गए थे। पुत्र निजामुद्दीन ने बताया कि खाद-बीज के बिना खेतों की बुवाई नहीं हो पाई। इसी सदमे में पिता की मौत हुई। उधर, शाखा प्रबंधक हरीनारायण दीक्षित ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को शाम छह बजे तक रुपये की निकासी की। मृतक किसान के खाते में पैन नंबर दर्ज न होने पर रुपये ट्रांसफर नहीं हो सके।