जिला पंचायत अध्यक्ष उप चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को नामांकनपत्र भरने का काम पूरा हो गया। तीन महिलाओं समेत कुल पांच प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए हैं। इनमें बागी गुट के चार सदस्य भी शामिल हैं। इनके अलावा निवर्तमान अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा की पत्नी आशा वर्मा ने भी नामांकन किया है। महेंद्र सिंह ने बुधवार को नामांकन पत्र तो खरीदा था लेकिन दाखिल नहीं किया। 7 दिसंबर को नाम वापसी होगी।
सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर मेें पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था थी। मुख्य गेटों पर बेरीकेडिंग लगाकर वाहन व भीड़ के दाखिले पर रोक रही। नामांकन के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक समय निर्धारित था। पहला नामांकनपत्र बसपा के बल्देव प्रसाद वर्मा ने दाखिल किया। उनके बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किरन वर्मा और फिर गीता सागर ने पर्चा दाखिल किया।
इसी के बाद आशा वर्मा और कमलेश श्रीवास ने अपने नामांकन पत्र अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय को सौंपे। हरेक प्रत्याशी के साथ एक-एक जिला पंचायत सदस्य प्रस्तावक और अनुमोदक उपस्थित थे। बल्देव वर्मा के प्रस्तावक गजेंद्र सिंह पटेल और अनुमोदक फूलारानी। किरन वर्मा के प्रस्तावक बलवंत सिंह और अनुमोदक सीता सिंह। गीता सागर की प्रस्तावक कुसमा देवी और अनुमोदक ममता।
आशा वर्मा के प्रस्तावक भानु प्रताप सिंह और अनुमोदक लक्ष्मी कुशवाहा और कमलेश श्रीवास के प्रस्तावक राज कुमार कुशवाहा तथा अनुमोदक शांती साहू रहीं। नामांकन का समय (3 बजे) खत्म होने के बाद सभी नामांकन पत्रों की जांच हुई। सभी वैध पाए गए।
नामांकन के मौके पर कलेक्ट्रेट परिसर मेें जगह-जगह पुलिस तैनात रही। कई थानाध्यक्ष और महिला थाना प्रभारी समेत कोतवाली प्रभारी और दरोगा तथा सिपाही तैनात रहे। प्रत्याशी के साथ सिर्फ प्रस्तावक और अनुमोदक को ही जाने दिया गया। अन्य समर्थक अंदर दाखिल नहीं हो सके। नामांकन कक्ष में जाने से पहले बाहर इन तीनों की सघन छानबीन हुई। नामांकन के पहले डीएम कक्ष में सभी प्रत्याशियों ने एक साथ बैठकर सौहार्द भरे माहौल मेें बतियाते रहे।