बांदा। कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच वायरल बुखार के साथ डेंगू और मलेरिया मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। तीन वर्षीय मासूम समेत दो डेंगू पॉजिटिव पाए गए।
उन्हें बुखार का इलाज कराने के लिए अस्पताल ले जाया गया था और पॉजिटिव निकल आए। मासूम को बांदा और युवक को कानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल छह डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें चार ठीक हो चुके। दस दिवसीय विशेष अभियान के तहत 578 टीमें घर-घर जाकर संक्रामक रोगियों की खोज में जुटी हैं। शनिवार को अभियान का पांचवां दिन था। 16 सितंबर तक घर-घर सर्वे होना है।
अब तक लगभग 96 हजार घरों का सर्वे हो चुका है। कई दिनों से बुखार से ग्रसित दो रोगी शुक्रवार को अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे तो उनमें डेंगू एनएस-1 पॉजिटिव की पुष्टि हो गई।
इनमें जखनी (गिरवां) गांव निवासी किसान का तीन वर्षीय पुत्र है। जिले में यह पहला मासूम है जो डेंगू पॉजिटिव मिला। इसे बांदा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
दूसरा डेंगू पॉजिटिव केस बबेरू का 24 वर्षीय युवक है। उसे कानपुुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। कानपुर से यहां स्वास्थ्य विभाग को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि अब तक कुल छह डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
इनमें चार ठीक हो चुके हैं। सभी का इलाज मेडिकल कॉलेज में हुआ। डेंगू पुष्टि वाले मरीजों के घर और आसपास लार्वा निरोधक दवाओं का छिड़काव और घरों में जलभराव व पात्रों की जांच कराई गई है। दो नए डेंगू मरीज मिलने पर अलग-अलग टीमों को बबेरू व गिरवां जांच के लिए भेजा गया है।
57 संदिग्धों की जांच में एक मलेरिया पॉजिटिव
बांदा। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि डोर-टू-डोर अभियान में अब तक 57 मलेरिया लक्षण वाले रोगी चिह्नित किए गए हैं। सभी की खून जांच कराई गई, लेकिन मात्र एक मरीज में मलेरिया की पुष्टि हुई। फिलहाल अब वह भी स्वस्थ है।
बुखार के लगभग 1300 मरीज चिह्नित हुए हैं। उनकी काउंसलिंग कर सूची तैयार की गई है। चिकित्सक को दिखाने और जांच कराने की सलाह दी गई। दावा किया कि फिलहाल जिले में संक्रामक रोग काबू में है।
इसके अलावा बेड की कोई कमी नहीं है। मेडिकल कॉलेज में 200 और जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित हैं। सीएचसी और पीएचसी में भी 2-2 बेड डेंगू मरीजों के लिए अलग हैं। सभी पलंग मच्छरदानी से लैस हैं।
निजी अस्पताल व पैथोलाजी नहीं दे रहे रिपोर्ट
बांदा। सीएमओ डा. वीके तिवारी और जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। जिनकी जांच प्राइवेट पैथोलाजी में कराई जा रही है।
मरीज के संक्रमित होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग को कोई सूचना नहीं दी जा रही, जबकि निजी अस्पताल संचालकों को पूर्व में इसके निर्देश दिए जा चुके हैं। अभी तक मात्र शहर के दो पैथोलाजी संचालकों द्वारा प्रतिदिन रिपोर्ट दी जा रही है।
इसके अलावा कहीं से सूचना नहीं मिल रही। चेतावनी दी कि निजी अस्पताल व पैथोलाजी संचालकों द्वारा रिपोर्ट न देने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।