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चना किसानों का छत्तीस लाख दबाए है खरीद एजेंसी

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बांदा। बहत्तर घंटे में फसल की कीमत हाथ आ जाने के झांसे में आकर जनपद के 41 किसानों ने अपनी चने की फसल सरकारी खरीद केंद्रों में बेच दी। 10 महीने बीत जाने के बाद भी यह किसान अपनी मशक्कत की कीमत 36 लाख रुपये पाने के लिए खरीद केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।
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सांसद आरके सिंह पटेल ने मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह को पत्र भेजकर हताश और परेशान किसानों को भुगतान दिलाने की मांग की है। जिले के करीब डेढ़ दर्जन गांवों के किसानों ने पिछले वर्ष जून माह में अपनी चने की फसल बांदा, नरैनी आदि कृषि उत्पादन मंडी समिति के खरीद केंद्रों में बेची थी। उन्हें भरोसा था कि सरकारी वादे के मुताबिक, बहत्तर घंटे में उनके खाते में चने की कीमत का पैसा आ जाएगा, लेकिन 72 घंटे तो दरकिनार दस महीने से ज्यादा बीत चुके हैं और इन किसानों को अब तक 36 लाख 17 हजार 250 रुपये नहीं मिले हैं।
चना बेचने वाले किसान भरखरी, रेउना, बिल्हरका, अमवां, कैरी, पिंडखर, सिकलोढ़ी, बछौंधा, सांड़ासानी, बिसंडा रुरल, खैराडा, बसहरी, बड़ोखर खुर्द, मुसीवां और बबेरू आदि गांवों के हैं। इन किसानों ने पांच क्विंटल से लेकर 25 क्विंटल तक चना बेचा था। कीमत न मिलने से किसान परेशान हैं। उनके तमाम घरेलू खर्च रुके हुए हैं। किसानों ने अपनी यह पीड़ा लिखित रूप से सांसद आरके सिंह पटेल तक पहुंचाई। सांसद ने चित्रकूटधाम मंडलायुक्त को अपने पत्र के साथ किसानों की सूची और उनकी बकाया राशि का ब्योरा भेजकर भुगतान कराने को कहा है।
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इंसेट---
26 किसानों का एक-एक लाख से ज्यादा बकाया
बांदा। सरकारी खरीद केंद्रों में किसानों से 4875 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चना खरीदा गया। सांसद आरके सिंह पटेल को अर्जी देने वाले किसानों में 26 किसानों ने 25-25 क्विंटल बेचा है। इनकी धनराशि 1,21,875 रुपये प्रति किसान होती है। अन्य किसानों ने भी पांच से लेकर 20 क्विंटल तक चना बेचा है। रेउना गांव के किसान कृष्णदत्त, बिल्हरका गांव के प्रताप सिंह, खैराडा के भूपत व फुलिया, भरखरी गांव के अशोक कुमार व द्वारिका, अमवां गांव के भूपेंद्र कुमार गुप्ता, कैरी गांव के बलवीर और ललित किशोर, पिंडखर गांव के ओम सिंह और बड़ोखर खुर्द गांव के यशवंत सिंह आदि ने कहा कि 10 माह से पैसा न मिलने से उनके परिवार तंगहाली से जूझ रहे हैं। उन्होंने जल्द से जल्द बकाया दिलाने की मनुहार की है। (ब्यूरो)
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