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बैरक में ही मुख्तार का रोजा

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बांदा। बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी कई बीमारियों के बावजूद रमजान में रोजा और नमाज से कोई परहेज नहीं करेगा। इसके संकेत जेल प्रशासन को मिलने लगे हैं। इफ्तार और सहरी का सामान जेल की कैंटीन से लिया जा सकता है।
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मुख्तार अंसारी के यहां शिफ्ट होने से पहले ही जेल की कैंटीन में स्टॉक मंगा लिया गया था। रविवार को मुख्तार अंसारी का जेल की बैरक में पांचवां दिन था। बताया गया कि वह बैरक नंबर 16 में हैं। नमाज और रोजा का वह पाबंद है। दो दिनों बाद शुरू हो रहे रमजान के लिए इफ्तारी व सहरी की खाद्य सामग्री के लिए वह जेल नियमों के तहत जेल प्रशासन से मांग करेगा। हालांकि, बताया गया है कि मुख्तार अंसारी कमर और घुटनों में दर्द से परेशान हैं। जेल अधिकारियों को यह बात बताई है। इस पर शनिवार को शाम जिला अस्पताल के डाक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल ने जेल आकर मुख्तार की सेहत का मुआयना किया।
इनमें फिजीशियन डा. हृदयेश पटेल, वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एसएन मिश्रा और हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विकासदीप शामिल थे। मुख्तार का बिस्तर बैरक के फर्श पर ही है। शुक्रवार को मऊ की अदालत से एक मामले में जमानत मंजूर होने की खबर मुख्तार ने जेल में गौर से पढ़ी। फिलहाल मुलाकात पर पाबंदी होने और सीसीटीवी कैमरों के डर से जेल सुरक्षा कर्मियों के नजदीक न आने से मुख्तार का पूरा समय तन्हाई में गुजार रहा है।
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इंसेट---
लखनऊ के वकील नहीं मिल पाए
रविवार को एक अधिवक्ता ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी से जेल में मुलाकात की कोशिश की, लेकिन जेलर ने कोरोना गाइडलाइन के चलते बंदियों से मुलाकात पर लगी रोक का हवाला देकर मंजूरी नहीं दी। बताते हैं कि अनिमेष शुक्ल नामक अधिवक्ता प्रयागराज से आए थे। उन्होंने कुछ कानूनी राय-मशविरे के लिए मुख्तार अंसारी से मुलाकात की अर्जी दी। जेलर पीके त्रिपाठी ने कहा कि फिलहाल किसी भी बंदी से मुलाकात नहीं की जा सकती। इस पर रोक है। अधिवक्ता वापस लौट गए। संभावना जताई जा रही कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिवक्ता और परिजनों की मुलाकात कराई जाए।
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