Medical college may get permission for fifth session next month
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बांदा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने वर्ष 2019-20 सत्र में 19 कमियों के चलते एमबीएसएस कक्षाओं की अनुमति नहीं दी थी। इस कारण वर्ष 2020-21 सत्र में कोई दाखिला नहीं हो सका था। मेडिकल कालेज प्रशासन ने फैकल्टी को छोड़कर अन्य 18 कमियां दूर करके एमसीआई को अवगत करा दिया। अक्तूबर में मान्यता मिलने के आसार हैं।
एमसीआई ने जो कमियां बताईं थीं, उनमें वेंटीलेटर, वार्ड, मैन पावर, इक्वीपमेंट, सीनियर रेजीडेंट, नर्सिंग स्टाफ, फैकल्टी, स्टाफ-स्टूडेंट कैंटीन आदि शामिल हैं। प्रिंसिपल डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि फैकल्टी में 19 पद सृजित नहीं हैं। इनका सृजन शासन स्तर से होना है।
शासन से इन पदों पर भर्ती का अनुरोध किया गया है। उम्मीद जताई कि 5वें सत्र 2020-21 के लिए एमबीबीएस में 100 सीटों पर प्रवेश की अनुमति 15 अक्तूबर तक मिल जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तीन सदस्यीय एमसीआई टीम ने संतोष जताया है।
केजीएमयू से मिली स्नातकोत्तर की अनुमति
राजकीय मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से संबद्ध है। यूनिवर्सिटी ने यहां चार विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री की अनुमति दी है।
फिलहाल स्नातकोत्तर (पीजी-एमडीएमएस) में 20 सीटों पर ही प्रवेश की स्वीकृति दी गई है। यूनिवर्सिटी स्तर से एमसीआई को बांदा मेडिकल कालेज को स्नातकोत्तर की मान्यता देने संबंधी अनुरोध पत्र भेजा गया है। प्रिंसिपल ने बताया कि 2.20 लाख रुपये शुल्क में स्नातकोत्तर की डिग्री मिलेगी।