बांदा। धनतेरस मंगलवार को है। पूर्व संध्या पर ही बाजारों को सजाया और संवार लिया गया है। कस्बों में भी बाजारों को देर रात तक सजाया जा रहा था। हालांकि अबकी धनतेरस महंगाई लेकर आई है। त्योहार की रस्म पूरी करने के लिए लोगों को 15 से 20 फीसदी ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। इस दिन की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इसी दिन भगवान धनवंतरि की पूजा भी होती है।
धनतेरस पर सोना-चांदी, तांबा-पीतल, स्टील से बनी चीजें खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन महंगाई के कारण ेलोग पर्व सिर्फ रस्म अदायगी में निपटाने का मन बनाए हैं। शहर के चौक बाजार, कोतवाली रोड, सदर बाजार, न्यू मार्केट सहित महेश्वरी देवी रोड आदि में धनतेरस का बाजार सजाकर तैयार कर दिया गया है। सड़कों तक दुकानें सजी हैं। इसी तरह जिले के बबेरू, नरैनी, अतर्रा, तिंदवारी, बदौसा, मटौंध, करतल, बिसंडा, जसपुरा, पैलानी, चिल्ला, कमासिन, मरका आदि में भी दुकानें सजाई गई हैं।
तीन साल में धातुओं की कीमतें (प्रति किलोग्राम)
वर्ष तांबा पीतल सिल्वर स्टील
2019 800 500 200 300
2020 1000 550 250 350
2021 1500 700 350 400
पिछले साल से सस्ता है सोना
सराफा व्यवसाई राधाकृष्ण उर्फ किशन गोयल और अनुराग गोयल ने बताया कि अबकी बाजार में चांदी की मनमोहक लक्ष्मी-गणेश मूर्तियां उपलब्ध हैं। पहली बार 100 प्रतिशत शुद्धता की मूर्तियां बिक रही हैं। पूर्व पर 80 फीसदी धातु की मूर्तियां बिकती थीं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार चांदी महंगी है। पिछले साल 62 हजार रुपये किलो चांदी थी। अबकी 66,500 किलो है। हालांकि सोना पिछले वर्ष से सस्ता है। 52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की बजाए इस वर्ष 49,200 रुपये है।
बीस फीसदी बढ़ गई हैं कीमतें
बर्तन व्यवसायी रमेशचंद्र गुप्ता ने बताया कि महंगाई की वजह से अबकी महंगे बर्तन नहीं लाए। ईंधन के दामों में वृद्धि से हर सामान में लगभग 20 फीसदी कीमतें बढ़ गई हैं। महंगाई का असर बाजार पर खासा पड़ेगा। आलम यह है कि 150 रुपये का बर्तन 200 रुपये का बिक रहा है।
बेहतर कारोबार की उम्मीद
इलेक्ट्रानिक व्यवसायी अशोक गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रानिक उपकरण करीब 15 से 20 फीसदी महंगा है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद जनजीवन सामान्य होने के बाद उम्मीद है कि अबकी बाजार नया मुकाम हासिल करेगा। जिले में करोड़ों रुपये के कारोबार की उम्मीद है।