बांदा। धनतेरस पर्व पर बाजार में जमकर धन बरसा। कोरोना से उबरे बाजार में अनुमानित 20 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। सबसे ज्यादा सराफा व्यवसाय चमका। लोगों ने अपनी हैसियत के मुताबिक सोने-चांदी के जेवर और सिक्के खरीदकर धनतेरस का शगुन पूरा किया। वाहन, सराफा, इलेक्ट्रानिक और बर्तन खूब बिके। शहर से लेकर गांवों तक बाजार देर रात तक गुलजार रहे। छोटी दिवाली मानते हुए घरों और इमारतों को सजाया गया। शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-कुबेर और धनवंतरि देव की विधि-विधान से पूजा हुई।
बाजार से लेकर घरों तक कई दिनों से धनतेरस की तैयारियां चल रही थीं। बाजारों में सोमवार से ही चहलपहल दिखने लगी थी। मंगलवार को धनतेरस के शुभ मुुहूर्त ने बाजारों को मंगलमय कर दिया। चार पहिया और दुपहिया वाहनों के शोरूम में खरीदारों का जमघट रहा।
मुख्यालय में लगभग आधा सैकड़ा चार पहिया की बिक्री से लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। दुपहिया वाहन भी तकरीबन तीन सैकड़ा बिके। इनका अनुमानित व्यवसाय लगभग ढाई करोड़ रहा। किसानों ने लगभग आधा सैकड़ा ट्रैक्टर भी खरीदे। इस पर सवा करोड़ रुपये लेनदेन का अनुमान है। बर्तनों की दुकानों पर उमड़ी भीड़ ने लगभग दो करोड़ रुपये की खरीदारी की। कुल मिलाकर बाजार की रौनक और परवान चढ़ी, खरीदारी से कोरोना महामारी की मार नजर नहीं आई।
वाहन बाजार में रौनक लौटी
बांदा। चार पहिया के शोरूम के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अग्रवाल, मैनेजर गिरिजेश द्विवेदी (तिंदवारी रोड) ने बताया कि बीते साल से भी ज्यादा चार पहिया वाहन बिके। कई कंपनियां मांग के मुताबिक वाहन की आपूर्ति नहीं कर पाई। खरीदारों ने बुकिंग करके अपना मुहूर्त पूरा किया। वाहनों की किल्लत के पीछे बताया गया कि कोरोना संकट के चलते सेमी कंडेक्टर सेंसर जैसे आधुनिक उपकरण ताइवान, कोरिया, अमेरिका और चीन से नहीं मिल पाए। इसलिए वाहन नहीं तैयार हो पाए। उधर, बाइक शोरूम के उमाकांत तिवारी ने बताया कि वाहन बाजार में इस वर्ष रौनक लौटी है। बाइकों की पर्याप्त बुकिंग हुई है।