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Banda News: मासूम के अपहरण-हत्या में उम्रकैद

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बांदा। छह साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या करने और शव को छिपाने के दोषी को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप मिश्रा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 15 हजार जुर्माना भी लगाया। गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी महादेव ने छह वर्षीय नाती मातृदत्त उर्फ भोला पुत्र रामनरेश मिश्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट 10 अगस्त 2010 को दर्ज कराई थी। लोगों से पूछताछ पर पता चला कि मातृदत्त उर्फ भोला को हिदायत उल्ला उर्फ मुन्ना खां, राकेश कुमारी पत्नी राममनोहर वर्मा, दुर्गा पुत्र रामेश्वर दर्जी ने अपहरण कर लिया। बाबा महादेव ने 12 अक्तूबर 2010 को फिर से थाने में सूचना दी। पुलिस ने तीनों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की, बालक को पुलिस बरामद नहीं कर सकी।
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इस मामले में पुलिस ने आठ गवाह बनाए लेकिन पांच गवाहों को न्यायालय में पेश किया। 30 मार्च 2017 को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। इसके दो वर्ष बाद अपहृत लापता बालक मातृदत्त उर्फ भोला के पिता राजू उर्फ रामनरेश को मालूम हुआ कि उसके छह वर्षीय बच्चे को गांव का रंगीलाल भुर्जी ने अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को अपने घर के आंगन में दफना दिया था।
मामले की शिकायत 10 अप्रैल 2019 को एसपी को देकर कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष गिरवां को मामले पर पुनर्विचार करने के लिए आदेशित किया। इसके अनुपालन में नायब तहसीलदार अतर्रा, ग्राम प्रधान व उसके माता-पिता, अन्य परिजन रंगीलाल भुर्जी व गांव के लोगों की मौजूदगी में उसके मकान की खोदाई करवाई। साढ़े तीन फुट की गहराई पर बच्चे का कंकाल निकला। रंगीलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान 12 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता व अभियोजन पक्ष के वकील ने बहस की। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद दोषी रंगीलाल भुर्जी को न्यायाधीश ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
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