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चार श्रमिकों को दो लाख के हितलाभ प्रमाणपत्र सौंपे

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बांदा। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित गोष्ठी में बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश के श्रम व सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने के साथ उन्हें खेलने-कूदने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। साथ ही गोष्ठी में चार श्रमिकों को लगभग दो लाख रुपये के हितलाभ प्रमाणपत्र सौंपे।
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शनिवार को श्रम कार्यालय में गोष्ठी हुई। वर्चुअल बैठक में मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में भी श्रम विभाग की कोशिश है कि बाल श्रमिकों को शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को संवारा जाए। इस अवसर पर चार श्रमिकों को हितलाभ प्रमाण पत्र दिए गए। आरटीजीएस से कुल 2,00,475 रुपये उनके खातों में भेजी गई।
इनमें श्रमिक मूलचंद्र व रामदीन को कन्या विवाह योजना के तहत 55-55 हजार रुपये दिए गए। मातृत्व शिशु एवं बालिका आशीर्वाद मदद योजना के तहत पूजा को 52,274 रुपये और जुबैदा को 38,201 रुपये उनके खातों में भेजी गई। गोष्ठी में बाल कल्याण समिति के राम कुमार सिंह, सरिता शुक्ला, जनार्दन प्रसाद, श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला, सुनील कुमार, मोहम्मद इम्तियाज, शिवाकांत वर्मा, सुनील कुमार तिवारी, रामबाबू यादव आदि मौजूद थे।
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