शिविर में मरीजों का चेकअप और परामर्श देते गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. एस त्रिपाठी। संवाद
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बांदा। कम पानी पीना और खानपान में अनियमितता गुर्दे में पथरी पैदा करती है। अधिक धूम्रपान मूत्र मार्ग में कैंसर का कारण बनता है। इलाज से बढ़कर परहेज है। यह बातें रविवार को गुर्दा दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने बताईं।
शहर के रफीक नर्सिंग होम में आयोजित शिविर में गुर्दा एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एस त्रिपाठी ने लगभग एक सैकड़ा गुर्दा और मूत्र रोग से संबंधित मरीजों का मुफ्त चेकअप किया और उन्हें परामर्श के साथ दवाएं भी दीं। इनमें ज्यादातर मरीज अधिक उम्र के थे। महिलाओं और युवाओं को भी गुर्दे और मूत्र संबंधी शिकायतें रहीं।
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि प्रोस्टेट के मरीज ज्यादा रहे। इसके अलावा पेशाब की नली और थैली में पथरी के रोगी भी शामिल थे। कुछ मरीज ज्यादा गंभीर मिले। वह कैंसर की स्टेज पर थे। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि कम पानी पीना और खान पान में मनमानी से पेशाब की नली और थैली में पथरी पैदा हो जाती है। इसके अलावा गठिया या दीगर बीमारियों से भी यह रोग हो सकता है।
उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ पेशाब ग्रंथी भी बढ़ जाती है। खासकर यह नौबत 45 वर्ष के ज्यादा उम्र के लोगाें में आती है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान आदि से मूत्र मार्ग में कैंसर में खतरा रहता है। इससे बचना चाहिए। शिविर में डॉ. अकील सहित दिवाकर, असगरी, बुशरा आदि स्वास्थ्य कर्मियों समेत दवा कंपनियों के प्रतिनिधि राघवेंद्र, रिजवान अहमद, पारुल चौहान आदि शामिल रहे।