बांदा। धान खरीद अब आखिरी दौर में है। 28 फरवरी को खरीद बंद हो जाएगी। दूसरी तरफ चित्रकूटधाम मंडल में खरीद और भुगतान की स्थिति यह है कि 2060 किसान अपने धान की 33 करोड़ रुपये कीमत हासिल करने के लिए केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। 72 घंटे में भुगतान का दावा हवा हवाई बना हुआ है। शादी की सहालग में
किसानों का खर्च बढ़ गया है।
मंडल के तीनों जनपदों बांदा, चित्रकूट व हमीरपुर में 1 लाख 6 हजार 700 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के 78 क्रय केंद्र खोले गए हैं। खरीद नवंबर माह से चल रही है। दो माह में 85 हजार 140 मीट्रिक टन (एमटी) धान खरीदा गया। यह लक्ष्य का 79 फीसदी है। अब तक 14 हजार 688 किसानों ने
एक अरब 65 करोड़ 17 लाख रुपये का धान बेचा है। इसमें 12 हजार 628 किसानों का 1 अरब 31 करोड़ 90 लाख का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन 2060 किसानों को उनकी उपज की कीमत अब तक नहीं मिली। अपना 33.27 करोड़ रुपये बकाया पाने के लिए यह लगातार खरीद केंद्रों और बैंक के बीच चक्कर लगा रहे हैं।
बकायेदारी में सर्वाधिक 1380 किसान बांदा के हैं, इनका 11 करोड़ रुपये बकाया है। अधिकारियों का रटारटाया जवाब है कि किसानों के आधार व बैंक खाता नंबर में खामियां है। किसानों से त्रुटियों के सुधार के लिए कहा गया है, ताकि समय पर भुगतान किया जा सके।
जनपद लक्ष्य खरीद अवशेष
बांदा 82700 69442.760 2713.204
चित्रकूट 21600 12746.068 547.591
हमीरपुर 2400 2951.360 46.206
योग- 106700 85140.188 33,27.001
धान खरीद में जनपद हमीरपुर अव्वल रहा। यहां पर लक्ष्य के सापेक्ष 122 फीसदी धान की खरीद की गई है। दूसरे नंबर पर जनपद बांदा रहा। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 83.969 फीसदी व चित्रकूट में 59.010 फीसदी धान की खरीद की गई।
धान खरीद एजेंसियों को आदेश दिए गए हैं कि किसानों का भुगतान जल्द किया जाए। ऐसा न करने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
संजीव कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक चित्रकूटधाम मंडल, बांदा